भगवान शिव को बेलपत्र और धतूरा व पुष्प अर्पित कर किया पूजन-अर्चन
सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धालु शिव मंदिर में दर्शन को पहुंचे
सुरक्षा के लिहाज से तैनात रही पुलिस, सीसीटीवी कैमरों से हुई निगरानी
बांदा, के एस दुबे । महाशिवरात्रि पर्व पर बुधवार को भोर होते ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु बामदेवेश्वर पर्वत पहुंचे। गुफा के अंदर विराजमान शिवलिंग का दूध-दही, घी, शहद और शर्करा से रुद्राभिषेक किया। भगवान को अति प्रिय बेल पत्र और धतूरा के फल चढ़ाकर आरती उतारी। शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ को
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बबेरू के मढ़ीदाई मंदिर में पूजा-अर्चन करते श्रद्धालु। |
ध्यान में रखते हुए जहां स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभाली, वहीं मंदिर परिसर में तैनात किए गए पुलिस कर्मियों ने श्रद्धालुओं पर पैनी निगाह बनाए रखी। सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरों को भी लगाया गया था। इन कैमरों से निगहबानी की जाती रही। देर शाम को बामदेवेश्वर शिव मंदिर में महाआरती का आयोजन किया गया। वहां मौजूद श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया गया। पूरे जिले में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। शहर और यूपी-एमपी के लाखों श्रद्धालुओं की असीम श्रद्धा का केंद्र बामदेवेश्वर शिव मंदिर में बुधवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं का रेला पहुंचने लगा। जैसे-जैसे उजाला हुआ, वैसे-वैसे शिवभक्तों की भीड़ बढ़ती चली गई। मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर काफी दूर तक श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगी रहीं। शिव मंदिर में गुफा के अंदर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को तीन से चार घंटे तक लाइन में लगे रहकर खड़ा रहना पड़ा। गुफा के अंदर विराजमान शिवलिंग के समीप पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने दूध, दही, घी, शर्करा और गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया। शिव को
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बारात में शामिल भगवान शिव स्वरूप। |
अतिप्रिय धतूरा और बेलपत्र श्रद्धालुओं ने अर्पित करते हुए भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की। सुरक्षा के लिहाज से शिव मंदिर में जहां स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभाले रखी, वहीं शिव मंदिर में पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया था। इसके साथ ही एक दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए शिवभक्तों की निगरानी की गई। मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण भी किया गया। देर शाम को बामदेवेश्वर शिव मंदिर में भगवान शिव की महाआरती का आयोजन हुआ। इस मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। मंदिर के पुजारी पुत्तन महाराज और मंदिर कमेटी के अध्यक्ष वीर दीक्षित के मुताबिक एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पूजन-अर्चन और जलाभिषेक किया। इधर, नरैनी में गुढ़ाकला गांव में बागै नदी
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बबेरू शिव बारात के दौरान करतब दिखाते शिव भक्त। |
किनारे स्थित भगवान शिव के मंदिर में हजारे श्रद्धालुओं ने पहुंचकर फूल, बेलपत्ती चढ़ाकर पूजा अर्चना किया। गुढ़ाकला गांव समाजसेवी राजबली सिंह द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि हरिश्चंद्र सोनकर, पीयूष गर्ग, रवि मिश्रा, लालू यादव, संतोष यादव ग्राम प्रधान, पूर्व ब्लाक प्रमुख अवधेश सिंह, सहित आदि मौजूद रहे। तिंदवारी में बुधवार को पपरेंदा मार्ग स्थित हनुमान मंदिर बिजली पावर हाउस में विराजमान शंकर भगवान की मूर्ति पर जल अभिषेक कर अखंड रामायण पाठ की शुरुआत की गई। पपरेंदा मार्ग पर नगर पंचायत प्रतिनिधि रमेशचंद्र साहू, सूरज साहू ,
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मंदिर जाने वाले मार्ग पर पूजा सामग्री की खरीददारी करते श्रद्धालु। |
विकास साहू ,श्याम गुप्ता, संतोष पंसारी ओर से विशाल भंडारा किया गया। सैकड़ों लोगों के प्रसाद ग्रहण किया। इसके अलावा गजनी गांव में महाशिवरात्रि को लेकर कामता प्रसाद गुप्ता की ओर से आयोजित भंडारा में सबसे अधिक भीड़ उमड़ी। यहां अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया। गिरवां में भूतेश्वर महादेव शिव मंदिर में सुबह से ही महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालु पहुंचे और पूजन-अर्चन किया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस तैनात रही। अतर्रा में सिद्धपीठ गौरा बाबा धाम मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और शमी अर्पित कर भगवान शिव की आराधना में लीन दिखे। मंदिर परिसर में स्थित बारह ज्योतिर्लिंग शिव मंदिर में भी भक्तों की भीड़ रही। मंदिर के महंत पुरुषोत्तम दास महाराज ने सभी भक्तों को आशीर्वाद दिया और प्रसाद वितरण किया गया।
बामदेवेश्वर पर्वत पर गुफा के अंदर विराजमान शिव का दुग्धाभिषेक करते श्रद्धालु।
गाजे-बाजे के साथ निकाली शिव बारात, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल
बांदा। अतर्रा के गौराबाबा धाम में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। महाशिवरात्रि पर कस्बे में शिव-पार्वती की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। अयोध्यावासी धर्मशाला मंदिर चूड़ी गली से होते हुए शोभायात्रा ने कस्बे के बांदा रोड, स्टेशन रोड, बिसंडा रोड, बदौसा रोड और नरैनी रोड में भ्रमण किया। इसके बाद शोभायात्रा वापस गौरा बाबा धाम पहुंची, वहां पर शोभायात्रा का समापन किया गया। भगवान शिव की मूल सवारी बैलगाड़ी में
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अतर्रा में बैलगाड़ी से शिव बारात निकालते शिव भक्त। |
निकाली गई, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। शोभायात्रा में एक दर्जन से अधिक बैलगाडि़यां शामिल रहीं। इसमें बैलों के पैरों और गले में घुंघरू बांधे गए थे। डीजे की धुन पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने शिवभक्ति से ओत-प्रोत गीतों पर नृत्य करते हुए भगवान शिव का गगनभेदी जयकारा लगाया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं का जगह-जगह पर ठंडई और अन्य सामग्री का जलपान कराया गया। भगवान शिव की बारात में शामिल हुए सैकडों श्रद्धालुओं ने अपने करतब भी दिखाए।
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