चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल द्वारा विकास खण्ड मऊ के ग्राम पंचायत मण्डौर की गौशाला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय ओम प्रकाश यादव खण्ड विकास अधिकारी, मऊ एवं उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी मऊ एवं अजय पाल सिंह सहायक विकास अधिकारी (ग्राम विकास) व ग्राम प्रधान पति मौजूद रहे। निरीक्षण के समय गौशाला में लगभग 15 से 20 गौवंश संरक्षित पाए गए। गौशाला में कोई भी केयरटेकर मौके पर उपस्थित नही पाए गये। प्रधान पति द्वारा अवगत कराया गया कि अन्य गौवंशों को गर्मी से बचाव के लिए छायादार बगीचे पर चरवाहों के माध्यम से ले जाया गया है। भूसा घर अपूर्ण पाया गया, जिसे तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश खण्ड विकास अधिकारी को प्रदान किए गए। अपूर्ण भूसा घर में लगभग 50 से 60 कुन्टल भूसा पाया गया। गौवंशो के लिए 1
टीन शेड, 1 भूसा चरही, 1 पेयजल चरही बनी हुई है। गौवंशों के पेयजल के लिए समरसेबल से पानी की आपूर्ति की जा रही है। गौशाला में साफ सफाई निरतंर किए जाने की आवश्यकता है। गौशाला में पशुओं की निरंतर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हुए है। उनको मुख्य पशुचिकित्साधिकारी कार्यालय में लिंक कराया गया हैं। गर्मी से बचाव के लिए छप्पर बनाए गए हैं, किन्तु आंधी के कारण आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पाए गए, जिन्हे तत्काल दुरूस्त कराने के निर्देश खण्ड विकास अधिकारी को प्रदान किया गया। गौशाला प्रांगड में काफी जगह खाली है जिस पर पीपल, बरगद एवं पाकड़ के वृक्ष लगाए जाने के निर्देश दिए गए। वास्तविक गोवंशों की संख्या के आधार पर ही प्रतिदिन की हाजिरी अपलोड की जाए।
.jpg)

No comments:
Post a Comment