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Saturday, May 23, 2026

खनन से खतरे में बाँदा का अस्तित्व

छिड़ेगा ‘नदियाँ बचाओ, पहाड़ बचाओ’ आंदोलन: विमल

जिला अधिवक्ता संघ ने कमिश्नर को सौंपा पत्र

बाँदा, के एस दुबे । जनपद में धड़ल्ले से हो रहे बालू और पहाड़ों के अत्यधिक उत्खनन को लेकर जिला अधिवक्ता संघ, बाँदा ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संघ के अध्यक्ष विमल कुमार सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में आज चित्रकूटधाम मंडल के आयुक्त को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा गया। अधिवक्ता संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस अनियंत्रित खनन को तुरंत नहीं रोका गया, तो न केवल बाँदा बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र का भौगोलिक अस्तित्व हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। कमिशनर को भेजे गए पत्र में अधिवक्ता संघ ने पर्यावरण और जलवायु में आ रहे विनाशकारी बदलावों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित किया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि नदियों से जिस बड़े पैमाने पर बालू निकाली जा रही है, उसके परिणामस्वरूप नदियों की प्राकृतिक धाराएं पूरी तरह बदल


चुकी हैं और उनका स्वरूप बिगड़ गया है। इसके कारण जल में पनपने वाले जीव-जंतुओं का जीवन भी संकट में आ गया है, जिससे संपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पहाड़ों और बालू के अंधाधुंध अवैध व अत्यधिक उत्खनन के कारण पूरे जनपद में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ रहा है और अभूतपूर्व जलवायु परिवर्तन देखा जा रहा है। प्राकृतिक रूप से पहाड़ पर्यावरण में ताप मंडल को बनाए रखने और तापमान संतुलित करने का काम करते हैं, लेकिन डायनामाइट और विस्फोटक लगाकर पहाड़ों को लगातार नष्ट किया जा रहा है। यदि वनों के कटान और पहाड़ों-नदियों के दोहन को तत्काल प्रभाव से नहीं रोका गया, तो आने वाले समय में क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि पूरी तरह बंजर हो जाएगी और हर व्यक्ति परेशान होगा। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विमल कुमार सिंह ने लोकहित में इस मामले पर तत्काल कड़ा संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन को इस विकट स्थिति से तुरंत अवगत कराया जाना बेहद जरूरी है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बाँदा के साथ-साथ हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट जिलों में भी खनन संबंधी गतिविधियों पर कड़ाई से रोक लगाई जानी चाहिए, अन्यथा समूची मानव सभ्यता और हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए इस धरती पर रहना असंभव हो जाएगा।.अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी को समझते हुए। जिला अधिवक्ता संघ, बाँदा ने नदियों और पहाड़ों को बचाने के लिए एक बड़े जन-आंदोलन का शंखनाद करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पूरे जनपद में आम जनता को जागरूक करने के लिए नदियाँ बचाओ पहाड़ बचाओ जंगल बढ़ाओ नाम से एक वृहद हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जिसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस शिकायत पत्र की प्रतियां निदेशक (भूतत्व एवं खनिकर्म, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ) के साथ-साथ जिलाधिकारी बाँदा, हमीरपुर व चित्रकूट को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई हैं। इसके अलावा हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट के जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्षों को भी इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की।


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