दोषी पर लगा पांच हजार रूपये का अर्थदण्ड
बांदा, के एस दुबे । विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह ने बताया कि जनपद के थाना कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह ने 29 जनवरी 2010 को तहरीर दी जिसमें अभियुक्त रियाजुद्दीन पुत्र रमजान निवासी थाना मौदहा, हमीरपुर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई ! इसका एक संगठित गिरोह है जिनके विरुद्ध थाना कोतवाली नगर में धारा 3(1) गैंगस्टर एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया। अभियोजन विभाग से समन्वय करके समयबद्ध रूप से साक्षियों का साक्ष्य कराकर प्रभावी पैरवी किए जाने के फलस्वरूप अपर सत्र विशेष न्यायाधीश एडीजे गैंगस्टर एक्ट श्री पाल सिंह द्वारा आरोपी को 08 वर्ष के कठोर कारावास और 5000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। जुर्माना अदा न करने पर 7 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
उक्त गैंगस्टर एक्ट की विवेचना निरीक्षक राजेंद्र बहादुर सिंह द्वारा संपादित की गई थी जिस पर अभियोजन द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी करते हुए पैरोकार सुजीत कुमार कोर्ट मोहर्रिर राकेश सिंह तोमर व विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह के द्वारा कड़ी मेहनत करने के बाद आरोपी को सजा दिलायी गई। इनका एक संगठित गिरोह है जिसका गैंग लीडर अफरोज मिर्जा है तथा रियाजुद्दीन सक्रिय सदस्य हैं। यह सभी बहुत ही दुर्दांत और बहुत ही शातिर किस्म के अपराधी हैं जिनके द्वारा एक जुट होकर चोरी करना, मोटर साइकिल को चोरी कर उनके जाली पेपर बना कर बेचने का कारोबार बड़े पैमाने पर किया जाता था तथा और भी अन्य कई तरह के अपराध करने के अपराधी हैं। सभी अभियुक्तों के उपर न्यायालय में अन्य भी गंभीर धाराओं में मुक़दमे चल रहे हैं।
विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह ने यह बताया कि यह गैंग अवैध रूप से चोरी करना, मोटर साइकिल को चोरी कर उनके जाली पेपर तैयार कर उन्हें बेचने जैसे अन्य अपराधों के आधार पर गैंगस्टर की कार्यवाही की गई। यह सभी अपराधी बहुत ही दबंग किस्म के हैं। सभी गैंग बनाकर अपराध करते हैं जिससे यह आर्थिक भौतिक लाभ प्राप्त कर धन अर्जित करने में अभ्यस्त अपराधी हैं। इनके आतंक से आसपास के क्षेत्र में दहशत फैली हुई है जिसके फलस्वरूप इस गैंग के खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज कराने और गवाही देने का साहस नहीं कर पाता है। इन सभी अभियुक्तों का गैंग चार्ट बनाकर जिलाधिकारी बांदा से अनुमोदित कराकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले की सुनवाई के दौरान 14 नवंबर 2024 को आरोप बनाया गया। अभियोजन की प्रभावी पैरवी द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध न्यायालय में सबूत पेश किए गए स पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य के अवलोकन के बाद अपर सत्र विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट श्रीपाल सिंह ने अपने आदेश में अभियुक्त रियाजुद्दीन को दोषी पाते हुए 08 वर्ष के कठोर कारावास और को 5000 रुपये अर्थदण्ड से दंडित किया।


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