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Thursday, August 3, 2023

साहब! आंगनबाड़ी केंद्रों में कागजों में दर्ज हैं बच्चे

कहीं पर फैली गंदगी तो कहीं पर लटकता मिला ताला

अधिकारियों ने कमी मिलने पर कही कार्रवाई की बात

खागा/फतेहपुर, मो. शमशाद । आंगनबाड़ी केंद्र केवल एक सरकारी भवन नहीं है। गांव की सेहत सुधारने के लिए यह पूरी तरह से जिम्मेदार है। ग्रामीणों को कुपोषण से निजात दिलाने और शिक्षा की पहली सीढ़ी इसी केंद्र से बच्चे चढ़कर शिखर तक पहुंचेंगे। यह व्यवस्था सरकार की है। इसके लिए लगातार प्रयास भी हो रहा है। विभागीय आंकड़े इसकी पुष्टि भी करते हैं, लेकिन ऐरायां ब्लाक क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण की जरूरत है। खागा तहसील के सभी ब्लॉकों के आंगनबाड़ी केंद्रों का पड़ताल की गई तो हकीकत चौंकाने वाली आई। मालूम पड़ा कि ऐरायां ब्लाक के बीआरसी में बना आंगनबाड़ी केंद्र में ताला लगा था। जानकारी करने पर मालूम हुआ कि कभी-कभी खुलता है। आंगनबाड़ी केंद्रों को देखने में लगता है कि इनको स्वयं ही पोषण की आवश्यकता है। वहीं ऐरायां ब्लाक के कोरका आंगनबाड़ी केंद्र की हालत दयनीय है वहां तो किसी ग्रामीण ने केंद्र को लकड़ी व कंडे से पाट रखा है। यहां की आंगनबाड़ी कार्यकत्री रमा देवी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि न वहां शौचालय है न ही हैंडपंप है इसलिए वहां नही जाते हैं। वहां किसी का कब्जा है इसकी जानकारी नही है। ऐरायां ब्लाक क्षेत्र में 182 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 38 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र हैं। यहां ब्लाक क्षेत्र के शून्य से पांच वर्ष के 23000 बच्चे पंजीकृत हैं। नियमानुसार इन केंद्रों में प्री-नर्सरी की कक्षाओं का संचालन होना चाहिए। इसके साथ ही पोषण अभियान को कम उम्र के बच्चों को यहां शिक्षित किया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्र खेल-खेल में शिक्षा देने का काम करेंगे। जिससे बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया जा सके, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। वहीं देखा गया कि तौरा ग्राम सभा में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का भवन एक सप्ताह पहले ही टूट कर गिर गया है। जिससे वहां पढ़ रहे 68 नौनिहाल बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी जिसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्री रीता देवी ने बताया कि वह नौनिहालों का पठन-पाठन अपने घर पर करवा रही हैं। कार्यकत्री ने भवन गिरने की सूचना ब्लॉक के सीडीपीओ आशीष पांडेय को जरिए पत्र दे दी है। हैरान की बात तो तब लगी जब पड़ताल में देखा गया कि सोहन मऊ ग्राम सभा में बने आंगनबाड़ी केंद्र में ताला लगा हुआ था। जानकारी करने पर पता चला कि यहां कोई नहीं आता है। इसी प्रकार गढीवा व पहाड़पुर में आंगनबाड़ी रोजाना नही खुलता है यही स्थिति धाता, छिवलहा व हथगांव में कुछ केंद्रों की है।

तौरा गांव में अपने आवास में बच्चों के साथ बैठी आंगनबाड़ी।

आंगनबाड़ी केंद्र व नौनिहाल की संख्या 

1- ब्लाक ऐरायां में आंगनबाड़ी केंद्र 182, मिनी आंगनबाड़ी केंद्र 38, शून्य से पांच वर्ष के बच्चे 23110

2- ब्लाक हथगांव में आंगनबाड़ी केंद्र 187, मिनी आंगनबाड़ी केंद्र 38, शून्य से पांच वर्ष के बच्चे 24006

3- ब्लाक धाता आंगनबाड़ी केंद्र 196, मिनी 29, शून्य से पांच वर्ष के बच्चे 19000

4- ब्लाक विजयीपुर आंगनबाड़ी केंद्र 204, मिनी आंगनबाड़ी केंद्र 30, शून्य से पांच वर्ष के बच्चे 19972


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