गांव-गांव पानी की गूंज
समीक्षा में फूटा डीएम का गुस्सा
जवाबदेही तय करने पर जोर
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । डीएम शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में चांदी बांगर, सिलौटा व रैपुरा समेत कई ग्राम पंचायतों में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कार्यदाई संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए कि जिन-जिन गांवों में सड़कों के टूटने या खोदाई के बाद मरम्मत न होने की शिकायतें मिल रही हैं, वहां तत्काल गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य कराया जाए। कहा कि पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों को उनकी पूर्व स्थिति में वापस लाना अनिवार्य है। साथ ही उन्होंने जल निगम को निर्देशित किया कि जिन स्थानों पर ओवरहेड टैंक (ओएसटी) का निर्माण अधूरा है, वहां कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। यह भी कहा कि जिन गांवों में अब तक जल कनेक्शन नहीं दिए गए हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन देकर परीक्षण उपरांत नियमित जल आपूर्ति कराएं। सख्त लहजे में कहा कि सुनिश्चित करें कि हर घर नल से जल की परिकल्पना पूरी हो, व जहां नल की टोंटियां चोरी या टूटने की घटनाएं
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| जल जीवन मिशन की बैठक लेते डीएम |
हो रही हैं, वहां ग्रामीणों को जिम्मेदारी की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए जल संकट वाले क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से पांच स्थानों पर प्याऊ लगाने को को कहा। विशेष तौर पर चांदी बांगर क्षेत्र को पिछड़ा बताते हुए वहां फोकस के साथ कार्य कराने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जहां विद्युत आपूर्ति में बाधा है, वहां स्वयं का जनरेटर लगाकर जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी हालत में जनता को पानी की समस्या न हो। जिलाधिकारी ने सुबह और शाम के निर्धारित समय पर नियमित जलापूर्ति की मॉनिटरिंग करने और जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि जलापूर्ति वाले स्थानों का ग्राम प्रधानों के माध्यम से सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बैठक में एडीएम नमामि गंगे श्रीमती बंदिता श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी इंद्र नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम आशीष भारती, अधिशासी अभियंता अभियंत्रिक अमित कुमार, टीपीआई, सहायक अभियंता, जूनियर इंजीनियर तथा संबंधित कार्यदाई संस्थाएं मौजूद रहीं।


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