चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । रगौली गांव में सप्त दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भक्ति, श्रद्धा व आध्यात्मिक उल्लास से परिपूर्ण वातावरण में जारी है। कथा महोत्सव में रामचंद्र तिवारी के आवास पर हो रही इस दिव्य कथा में गुजरात से पधारे कथा व्यास कपिल मुनि मिश्रा ने मनी शंकर तिवारी को श्रोता बनाकर अमृतमयी कथा का रसपान कराया। कथा के चौथे दिन कपिल मुनि मिश्रा ने सनातन धर्म की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि वेद, पुराण और धर्मशास्त्र ईश्वर तक पहुँचने के सुगम मार्ग हैं, लेकिन इनका अनुसरण करना जीव का कर्तव्य है। कहा कि भक्त ईश्वर से भी बड़े होते हैं, और अंबरीश महाराज जैसी कथाएं यही संदेश देती हैं। उन्होंने सूर्य वंश के प्रतापी
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| ग्रामोदय विश्वविद्यालय की आईटी लैब में पुरा छात्र |
राजाओं के प्रसंगों से होते हुए भगवान श्रीराम के जन्म व उनके दिव्य चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। इसके बाद चंद्र वंश व कंस जैसे आततायियों के अत्याचार से मुक्ति दिलाने हेतु भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। कथा में श्रीकृष्ण के बाल रूप की लीलाएं, नंद-यशोदा की पूर्व जन्म की तपस्या और वरदान की दिव्यता को भी चित्रित किया गया। संगीत में विप्लव श्रीवास्तव (खटवारा) ऑर्गन पर, प्रकाश तिवारी (बांदा) तबले पर और अनिल कुमार (कमासिन) पैड पर संगत कर रहे हैं। आयोजन की व्यवस्था रामचंद्र तिवारी, जिलाध्यक्ष, पत्रकार समाज कल्याण समिति कर रहे हैं। कथा में वरिष्ठ पत्रकार हरी नारायण पाण्डेय, गणेश शुक्ला सहित ग्रामीणजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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