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Friday, June 20, 2025

पानी नहीं तो बुआई नहीं-लमियारी में सूखे पम्प की साजिश या लापरवाही?

बूंद-बूंद को तरसता खेत, सूखते सपने

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । बुंदेलखंड की धरती पर एक बार फिर सरकारी व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है। लमियारी गांव में पम्प कैनाल महीनों से बंद पड़ी हुई है, जिससे गांव के किसान परेशान और हताश हैं। धान की बुआई का समय सिर पर है, लेकिन खेत सूखे पड़े हैं और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। पानी की एक बूंद के लिए तरस रहे इन अन्नदाताओं ने कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। गांव के भाजपा नेता भारतेन्दु गौतम, मुन्ना त्रिपाठी, अयोध्या सिंह, अभिमन्यु सिंह, कंचन सिंह, कमतू निषाद, चुनुवा निषाद, चुनबाद निषाद, मुन्नी निषाद और विजय वर्मा ने बताया कि विभाग को समय रहते कई बार

लमियारी गांव में महीनों से बंद पम्प कैनाल 

चेताया गया, मगर पम्प कैनाल की हालत जस की तस बनी रही। अब हालात ऐसे हैं कि खेत बंजर होते जा रहे हैं और किसान अपनी मेहनत को सूखता हुआ देखने को मजबूर हैं। सवाल यह है कि क्या यह महज लापरवाही है या फिर जानबूझकर किसानों को तिल-तिल मरने के लिए छोड़ दिया गया है? क्या इस सिस्टम के लिए किसान की कोई कीमत नहीं? पानी की जगह सिर्फ वादे बह रहे हैं और प्रशासनिक चुप्पी अब नाराजगी में बदलती जा रही है। वहीं इस संबंध में सिंचाई विभाग (लघु डाल)े जेई नितिन कुमार ने बताया कि अभी तक डिमांड नही थी, अब डिमांड आई है तो एक से दो दिन में चालू करवा देंगें।


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