कानपुर, प्रदीप शर्मा - चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कृषि विज्ञान केंद्र दिलीप नगर पर निकरा परियोजना के अंतर्गत सहतावनपूर्वा के किसानों के लिए गुरुवार को एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें उन्हें आधुनिक धान की खेती की तकनीकों से परिचित कराया गया। केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. खलील
खान ने कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऊसर भूमि में धान की खेती, जलवायु परिवर्तन से निपटने, कटाई के बाद नुकसान कम करने और फसल के मूल्य में वृद्धि करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करना था। डॉ. खान ने प्रशिक्षण में किसानों को धान की उन किस्मों के बारे में जानकारी दी जो कानपुर की जलवायु के लिए उपयुक्त हैं। इसके अलावा, गुणवत्ता बीज उत्पादन और प्रभावी खेत योजना पर भी जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त धान में खरपतवार नियंत्रण,पानी और पोषक तत्व प्रबंधन, और एकीकृत कीट और रोग प्रबंधन पर विशेष सत्र आयोजित करने के साथ ही मृदा परीक्षण प्रयोगशाला और फार्म मशीनरी बैंक के साथ-साथ कृषि तकनीकों के प्रदर्शन ने किसानों को नवीनतम तकनीकों और प्रथाओं के विषय मे बताया। इस अवसर पर पशुपालन वैज्ञानिक डॉ शशिकांत ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को बदलते जलवायु में सफल होने के लिए आवश्यक दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सुनिश्चित करेगा कि वे उचित उपज, आय और लाभ प्राप्त कर सकें। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल किसानों के ज्ञान और कौशल में वृद्धि करेगा, बल्कि उन्हें अधिक उत्पादक और लाभदायक खेती करने में भी मदद करेगा। इस अवसर पर उपेंद्र सिंह,शुभम यादव,गौरव शुक्ला एवं भगवान पाल सहित 35 से अधिक किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
No comments:
Post a Comment