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Friday, June 20, 2025

प्रभु नाम स्मरण करने से पापों से मुक्त होता मनुष्य

बांदा, के एस दुबे । गौरीकला गांव में शुक्ला परिवार द्वारा श्रीमद् भागवत महापुराण की संगीतमयी सात दिवसीय कथा के दूसरे दिन बोलते हुए कथा वक्ता पंडित अशोक वाजपेई शिव सती दक्ष प्रसंग पर चर्चा करते हुए कहा दक्ष चतुर है अर्थात बुद्धि प्रधान है शिव कल्याण स्वरुप है आत्मवादी है बुद्धिमान व्यक्ति का अहंकारी होना स्वाभाविक है क्योंकि अपने जीवन के कर्मों से मिली सफलता का श्रेय वह अपनी बुद्धि को देता है इसलिए अहंकार प्रबल होता है अजामिल

श्रीमद्भागवत कथा का बखान करते अशोक वाजपेयी।

की चर्चा पर कहा अजामिल का अश्लील दृश्य देखकर वैसा ही आचरण करना इस बात का संकेत है की नेत्र अच्छा बुरा सब देखते हैं परंतु देखने का दृष्टिकोण सकारात्मक एवं शुद्ध होना चाहिए अंततः नारायण नाम के उच्चारण से ही आज मिल का कल्याण हुआ खाने का तात्पर्य है कि हर नाम के उच्चारण से जीव समस्त पापों से मुक्त हो जाता है।


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