न्यायालय, विश्वविद्यालय और गांवों में गूंजा योग का स्वर
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर चित्रकूट जनपद में एक धरती, एक स्वास्थ्य की भावना के साथ योग का विराट और समरस आयोजन देखने को मिला। न्यायिक परिसर से लेकर विश्वविद्यालय तक, ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर नगर तक- हर कोने में योग के प्रति जागरूकता और प्रतिबद्धता की अद्भुत तस्वीर उभरी। माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के
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| योगदिवस में जिला न्यायालय परिसर में योग करते अधिकारीगण |
निर्देशों पर जिला न्यायाधीश राकेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में चित्रकूट न्यायालय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उन्होंने योग को शरीर, आत्मा और चित्त की शुद्धि का माध्यम बताते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग ही वह माध्यम है जो भारत को स्वस्थ और संतुलित राष्ट्र की दिशा में ले जा सकता है। कार्यक्रम में सभी न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता, एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती वर्णिका शुक्ला ने भाग लिया।
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| दिव्यांग विष्वविद्यालय में योग का शुभारम्भ करते कुलपति |
जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय चित्रकूट में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर योग विभाग व राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से सप्तदिवसीय योग कार्यशाला का समापन योगाचार्य जितेन्द्र प्रताप सिंह के विशेष प्रशिक्षण सत्र के साथ सम्पन्न हुआ। कुलपति प्रो शिशिर कुमार पाण्डेय ने कहा कि विश्वविद्यालय सिर्फ डिग्री का
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| ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट के जागृति प्रोजेक्ट में योग को जागरुक करते बच्चे |
केंद्र नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और आत्मिक विकास का स्रोत होना चाहिएकृऔर योग इसका श्रेष्ठ माध्यम है। चित्रकूट के पहाड़ी व मानिकपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत पचौखर और रैपुरा में ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फार मदर एंड चाइल्ड संस्था के जागृति प्रोजेक्ट के तहत विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। इसमें न केवल बच्चों, बल्कि उनके अभिभावकों ने भी हिस्सा लिया। छोटे-छोटे बच्चों को ताड़ासन, वृक्षासन, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी जैसे सरल योग सिखाए गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि आज की तनावपूर्ण जीवनशैली में योग मानसिक संतुलन और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अमृत समान है।



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