उत्तर प्रदेश, झांसी। शहर में आयोजित 107वां उर्स शरीफ 2026 एवं हिंदू-मुस्लिम विवाह सम्मेलन धार्मिक सौहार्द, देशभक्ति और सामाजिक एकता के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। रेलवे फाटक पुलिया नंबर 9 स्थित हजरत करामत अली शाह सैय्यद रिंगल शाह बाबा रहमत उल्लाह अलैह दरगाह परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंतर्गत सर्व जातीय हिंदू एवं मुस्लिम शादी सम्मेलन, भंडारा एवं शानदार कव्वाली कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने देर रात तक हिस्सा लिया। मशहूर कव्वाल चांद कादरी एवं नसीम जानी ने सूफियाना कलाम, कौमी एकता और देशभक्ति से जुड़े गीत प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता, भाईचारा और विविधता में छिपी हुई है। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम एकता केवल एक नारा नहीं बल्कि देश को मजबूत बनाने की सबसे बड़ी शक्ति है। डॉ. सरावगी ने कहा कि जब समाज के लोग जाति और धर्म से ऊपर उठकर मानवता और राष्ट्रहित के लिए कार्य करते हैं, तभी सच्चे अर्थों में देशभक्ति मजबूत होती है।
उन्होंने युवाओं से समाज सेवा, राष्ट्र प्रेम और आपसी सौहार्द को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज में प्रेम, सम्मान और एकता का संदेश फैलाने का कार्य करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि झांसी की गंगा-जमुनी तहजीब पूरे देश के लिए प्रेरणा है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में क्षेत्राधिकारी सदर रामवीर सिंह एवं प्रभारी निरीक्षक थाना प्रेमनगर तुलसीराम पांडे भी उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने डॉ. संदीप सरावगी द्वारा समाज सेवा, भाईचारे और जनहित में किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की तथा ऐसे आयोजनों को सामाजिक समरसता के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में आजाद, इम्तियाज़ (अध्यक्ष), भूमताज (उपाध्यक्ष), अनीस खान (सेक्रेट्री), बंटी, इब्राहीम, राशिद बरकाती, जाबर, अन्ना, हाजी शकील, रहमत अली, गुलमान, जमील सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

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