अब कानून देगा बुजुर्गों को ढाल
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले के विनायकपुर स्थित वृद्धाश्रम में मंगलवार को ऐसा माहौल दिखाई दिया, जहां उम्र से झुकी आंखों में पहली बार अपने अधिकारों की चमक नजर आई। उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के एक्शन प्लान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्रकूट द्वारा आयोजित विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर ने बुजुर्गों को यह एहसास कराया कि वे अकेले नहीं हैं, बल्कि कानून उनके सम्मान और सुरक्षा की मजबूत ढाल बनकर खड़ा है। जिला जज एवं प्राधिकरण अध्यक्ष शेषमणि शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में सचिव इला चौधरी ने कहा कि बुजुर्गों की गरिमा की रक्षा करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को उनके
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| कार्यक्रम में मौजूद अधिकारीगण |
संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों की जानकारी देते हुए मुफ्त विधिक सहायता का भरोसा दिलाया। सहायक लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल कुलदीप सिंह ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों और उत्तराधिकारियों के लिए बुजुर्गों की देखभाल कानूनी दायित्व है। वहीं स्वाती तिवारी ने संपत्ति हड़पने, उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना जैसे मामलों में कानूनी सुरक्षा की जानकारी दी। प्रशिक्षु देवांशी ने आयुष्मान भारत, पेंशन और स्वास्थ्य योजनाओं पर विस्तार से जानकारी देकर बुजुर्गों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया।
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