फतेहपुर, मो शमशाद । जनपद में संचालित जल जीवन मिशन योजनाओं का प्रभाव अब गांवों में साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को मिशन के प्रभाव मूल्यांकन के दूसरे दिन प्रो. राजेन्द्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय प्रयागराज की विशेषज्ञ टीम ने अमौली, हथगांव और ऐराया ब्लॉक के कई गांवों में पहुंचकर योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी। टीम ने अमौली ब्लॉक के उदुपुर, हथगांव के अजतूपुर तथा ऐराया ब्लॉक के सराय इदरीस व लाडलेपुर गांवों में घर-घर जाकर ग्रामीणों से बातचीत की। प्राथमिक विद्यालयों और पंचायत भवनों में भी पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पहले पानी के लिए दूर-दराज लगे हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब घरों तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचने से काफी राहत मिली है। महिलाओं का समय
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| नल से जल लेते स्कूली बच्चे। |
और श्रम दोनों बच रहा है। विशेषज्ञ टीम ने यह भी पाया कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से हैजा, टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों में कमी आई है। विशेषज्ञों ने गांवों में बनी पानी की टंकियों, पाइपलाइन नेटवर्क और जल गुणवत्ता की तकनीकी जांच भी की। डॉ. अशोक मौर्या के नेतृत्व में टीम ने ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों तथा ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर योजनाओं के रखरखाव और दीर्घकालिक संचालन पर चर्चा की। मूल्यांकन टीम में डॉ. अशोक मौर्या, मुकेश कुमार कन्नौजिया, अभिजात सिंह, अभिजीत तिवारी और सौरभ सिंह शामिल रहे। इस दौरान जिला समन्वयक राजमुनि यादव, सहायक अभियंता आशीष कुशवाहा, अवर अभियंता उज्ज्वल कुमार, माबरजा, मोहित कुमार, आईएसए कोऑर्डिनेटर शिवबहादुर सिंह चंदेल, प्रोजेक्ट मैनेजर मो. सऊद सिद्दीकी समेत ग्राम प्रधान और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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