बांदा, के एस दुबे । भीषण गर्मी के बीच आसमान से बरस रही आग ने जहां सबको झुलसाकर रख दिया है, वहीं गांवों से लेकर शहरी क्षेत्र तक अतिकुपोषित बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को सबसे अधिक समस्या से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में जिलाधिकारी अमित आसेरी ने क्षेत्रीय आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संवेदनशील परिवारों तक ओआरएस के पैकेट पहुंचाने का संख्त निर्देश दिया है। वहीं शहरों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक लोगों को भीषण गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिए तमाम इंतजाम किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार हीट वेव के खतरे से बचाने के लिए जहां गांवों से लेकर शहरी इलाकों तक प्याऊ, छबील और कूलिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, वहीं बाल विकास पुष्टाहार
विभाग में पंजीकृत अतिकुपोषित बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं के साथ ही संवेदनशील परिवारों तक पोषाहार के अलावा गर्मी से बचाव के लिए ओआरएस के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लोगों को अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीने और किसी भी समस्या की स्थिति में ओआरएस का घोल पीने की सलाह दी जा रही है। शहर के अलीगंज स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यकत्री अभिलाषा त्रिपाठी की अगुवाई में अतिकुपोषित बच्चों और गर्भवती व धात्री महिलाओं को ओआरएस का पैकेट उपलब्ध कराया गया। ऐसे ही जिले के सभी ब्लाकों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में ओआरएस पैकेटों का वितरण किया जा रहा है। जिलाधिकारी श्री आसेरी ने सभी को भीषण गर्मी के प्रकोप से बचाव का प्रयास करने की नसीहत दी है। कहा है कि दोपहर के समय अधिक श्रम वाला काम न करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।

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