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Friday, May 1, 2026

अब एसपी खुद सुनेंगे फरियाद, थानों में पहुंचकर जनता से सीधा संवाद

सदर कोतवाली में उमड़ी शिकायतों की भीड़

हर फरियादी को मिले न्याय, लापरवाही पर होगी कार्रवाई: अभिमन्यु

फतेहपुर, मो शमशाद । पुलिस और जनता के बीच बढ़ती दूरी को कम करने तथा फरियादियों को मुख्यालय के चक्कर से राहत देने के लिए पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बड़ा कदम उठाया है। अब जिले के अलग-अलग थानों में तय तिथियों पर स्वयं पहुंचकर वह आमजन की समस्याएं सुनेंगे। इस नई व्यवस्था की शुरुआत शुक्रवार को शहर कोतवाली से हुई, जहां एसपी के पहुंचते ही फरियादियों की भीड़ उमड़ पड़ी और घंटों तक शिकायतों का सिलसिला चलता रहा।

 सदर कोतवाली में जनता से सीधा संवाद करते एसपी अभिमन्यु मांगलिक।

कोतवाली परिसर में सुबह से ही जमीन विवाद, मारपीट, घरेलू कलह, अवैध कब्जा, रास्ते के झगड़े, दबंगई, लंबित मुकदमों और पुलिस कार्रवाई में देरी जैसी समस्याएं लेकर लोग पहुंचने लगे थे। पुलिस अधीक्षक ने कुर्सी पर बैठकर औपचारिकता निभाने के बजाय एक-एक शिकायतकर्ता को सामने बुलाया, पूरी बात सुनी और संबंधित अधिकारियों से तत्काल जवाब तलब किया। कई मामलों में मौके पर ही सख्त निर्देश दिए गए तो कुछ प्रकरणों में जिम्मेदारों को समयसीमा तय कर निस्तारण का आदेश दिया गया। जनसुनवाई के दौरान एसपी का रुख पूरी तरह सख्त दिखाई दिया। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों से साफ कहा कि फरियादी को थाने से टरकाने या उसे बार-बार चक्कर लगवाने की प्रवृत्ति अब नहीं चलेगी। हर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण होना चाहिए। यदि किसी मामले में पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिला या अनावश्यक दौड़ाया गया तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। एसपी ने कहा कि पुलिस की वर्दी का मतलब सिर्फ कानून व्यवस्था संभालना नहीं, बल्कि पीड़ित की आवाज सुनना और उसे राहत देना भी है। उन्होंने मौजूद क्षेत्राधिकारियों, प्रभारी निरीक्षकों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के समाधान में पूर्ण संवेदनशीलता, पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। किसी भी फरियादी के साथ उपेक्षा का व्यवहार विभाग की छवि खराब करता है, जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर कोतवाली में हुई पहली जनसुनवाई के दौरान फरियादियों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। कई लोगों ने पुलिस कार्रवाई में देरी, विवेचना लंबित रहने और दबंगों के खिलाफ सुनवाई न होने की शिकायत की। एसपी ने संबंधित प्रभारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता न्याय की उम्मीद लेकर आती है, इसलिए उसकी शिकायत फाइलों में दबनी नहीं चाहिए बल्कि जमीन पर समाधान दिखना चाहिए। एसपी की इस पहल ने एक बात साफ कर दी है कि अब फरियाद अनसुनी नहीं रहेगी, पुलिस कप्तान खुद चैखट पर पहुंचकर जनता की आवाज सुनेंगे।


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