भीषण गर्मी को लेकर विभागों को दिए सख्त निर्देश
अतर्रा /बांदा, के एस दुबे । तहसील अतर्रा में शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन चित्रकूटधाम मण्डल के आयुक्त अजीत कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस दौरान पुलिस डीआईजी राजेश एस. भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। समाधान दिवस में कुल 52 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनके त्वरित निस्तारण के लिए कमिश्नर ने उपजिलाधिकारी अतर्रा को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी मामलों की जांच कर सात दिनों के भीतर आख्या कमिश्नर कार्यालय को भेजी जाए। समाधान दिवस के बाद कमिश्नर ने वर्तमान में बढ़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव के मद्देनजर सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को इस मौसम में कोई
असुविधा नहीं होनी चाहिए। कमिश्नर द्वारा विभिन्न विभागों को जारी किए गए प्रमुख दिशा-निर्देश दिये। कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में हीट वेव से बचाव के लिए विशेष वार्ड स्थापित किए जाएं। इन वार्डों में पर्याप्त दवाएं, ओआरएस ,शुद्ध पेयजल, कूलर और पंखों के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। साथ ही एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। भीषण गर्मी में बिजली कटौती से राहत देने के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। ट्रांसफार्मरों और लाइनों की समय पर मरम्मत करने तथा आपात स्थिति के लिए श्क्विक रिस्पॉन्स टीमश् को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा खराब या गलत बिजली बिलों को तत्काल सुधारने और नए कनेक्शन के आवेदनों का समय से निस्तारण करने की हिदायत दी गई। ग्रामीण और शहरी इलाकों में नियमित पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कमिश्नर ने कहा कि जितने भी हैंडपंप और नल खराब हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए। जिन क्षेत्रों में जल संकट है, वहां टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जाए। इसके साथ ही जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों की तुरंत मरम्मत कराई जाए।
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का नियमित निरीक्षण करें ताकि ईंधन और एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति बनी रहे। यदि कहीं भी ब्लैक मार्केटिंग या अनियमितता पाई गई, तो संबंधित के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थलों पर हर 200 से 250 मीटर की दूरी पर राहगीरों के लिए पीने के पानी, छाया और सफाई की व्यवस्था करने को कहा गया है। जलभराव और गंदगी से निपटने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा, मनरेगा या अन्य योजनाओं में काम कर रहे श्रमिकों के कार्यस्थलों पर अनिवार्य रूप से छाया और पानी का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को जागरूक कर मई 2026 तक श्फार्मर रजिस्ट्रीश् का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कराया जाए। वहीं पशुपालन विभाग को निर्देश मिले हैं कि समस्त गौशालाओं में गोवंश के लिए पर्याप्त पानी, छाया, हरे चारे, भूसे, दवाओं और केयरटेकर के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राजस्व विभाग को संभावित सूखे और गर्मी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और समय पर राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पुलिस विभाग को भीड़भाड़ वाले इलाकों में शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आमजन की सहायता और पानी की व्यवस्था में सहयोग करने को कहा गया है।
जनसमस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी और आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि जनता को इस भीषण गर्मी में सरकारी सेवाओं का पूरा लाभ मिल सके और उन्हें किसी भी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।


No comments:
Post a Comment