दिखाई दे रही जिम्मेदार अधिकारियो की उदासीनता
खागा, फतेहपुर, मो शमशाद । विजयीपुर विकास खंड में मनरेगा योजना के खुदवाए गए दर्जनों तालाब इन दिनों सूखे पड़े हैं। जिससे क्षेत्र में जल संकट गहराता जा रहा है। भीषण गर्मी के चलते हालात ऐसे हो गए हैं कि पशु-पक्षियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। तालाबों का निर्माण जल संरक्षण और गर्मी के मौसम में जीव-जंतुओं को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन लापरवाही के कारण यह उद्देश्य अधूरा नजर आ रहा है। मझिगवां गांव के ग्रामीण अमित त्रिवेदी, बचानू ने बताया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अधिकांश तालाबों में पानी की जगह धूल उड़ रही है। कई तालाब पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि कुछ अपने अस्तित्व को बचाने के
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| सूखे पड़े तालाब का दृश्य। |
लिए अधिकारयों की राह ताक रहे हैं। जबकि प्रशासन द्वारा समय-समय पर तालाबों में पानी भरवाने के निर्देश दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका पालन नहीं हुआ। केवल उन्हीं क्षेत्रों में थोड़ी राहत है, जहां नहर की सुविधा उपलब्ध है। ग्रामीणों का कहना है कि जल संकट के कारण पशु-पक्षियों की स्थिति दयनीय होती जा रही है। वहीं, जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता भी साफ दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द तालाबों में पानी भरवाने की व्यवस्था की जाए, ताकि जल संकट से राहत मिल सके। बीडीओ जयप्रकाश से बात हुई तो बताया कि अभी समाधान दिवस में है। इसके बाद मोबाइल कट हो गया।

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