नगर पालिका सवालों के घेरे में
सड़क बनी सौदेबाजी का अड्डा?
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। चित्रकूट धाम की आस्था और पवित्रता के बीच अब सियासत और साठगांठ की बदबू घुलती नजर आ रही है। मां मंदाकिनी घाट से सटी राजा घाट पुरानी बाजार की सड़क, जो कभी श्रद्धालुओं की सहज आवाजाही का रास्ता थी, आज कथित तौर पर मिलीभगत से अवैध कब्जे की कहानी बयां कर रही है। पूर्व सभासद सुशील श्रीवास्तव ने सीधे मुख्यमंत्री को भेजे आवेदन में आरोप लगाया है कि नगर पालिका के जिम्मेदारों ने बाहरी व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के लिए पूरी सड़क पर कब्जा करवाया, लेकिन मजे की बात यह है कि इस पूरे खेल में न तो कोई नोटिस जारी हुआ, न ही कोई कार्रवाई की गई। सवाल है कि जहां गरीब व्यक्ति अपने दरवाजे पर
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| नगर पालिका की रोड के ऊपर बनती हुई अवैध सडक |
छोटी सी सीढ़ी बना ले तो बुलडोजर चल जाता है, वहीं पूरी सड़क पर कब्जा होने के बावजूद प्रशासन क्यों मौन है? क्या यह महज लापरवाही है या फिर अंदरूनी गठजोड़ का सुनियोजित खेल? आरोप यह भी है कि बाद में इसी अवैध कब्जे को हटाने के नाम पर सरकारी धन का खेल खेला जाएगा और लाभ उठाया जाएगा। धार्मिक नगरी की सड़कों पर भ्रष्टाचार का यह साया न केवल व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि शासन-प्रशासन की नीयत पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री स्तर से इस मामले में जांच के आदेश होते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन होकर रह जाएगा।
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