बांदा, के एस दुबे । पैलानी तहसील क्षेत्र के चिल्ला घाट यमुना नदी में अवैध तरीके से मछली पकड़ने और उसके कारोबार का मामला एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ मछली कारोबारी प्रतिबंधित जालों और अवैध तरीकों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर मछलियों का शिकार कर रहे हैं। इससे नदी की जैव विविधता पर खतरा बढ़ने के साथ-साथ वैध रूप से मछली पालन करने वाले मछुआरों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शैलेंद्र निषाद अपने गुर्गों के साथ रात के समय नावों के माध्यम से मछलियों का शिकार कर उन्हें विभिन्न बाजारों में बेचता है आरोप है कि कई स्थानों पर मत्स्य विभाग और प्रशासन की निगरानी के बावजूद अवैध गतिविधियां जारी हैं। मछलियों के प्रजनन काल में भी नियमों की अनदेखी कर पकड़ की जा रही है, जिससे मत्स्य संपदा को नुकसान पहुंच रहा है।
गौरतलब है कि कई जिलों में मछलियों के संरक्षण के लिए प्रजनन काल के दौरान नदियों और जलाशयों में मछली पकड़ने पर डीएम बांदा ने भी अपील की है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्यवाही कर सीधा जेल भेजा जाए साथ ही प्रतिबंध लगाया गया है तथा उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। 1 जून से 31 अगस्त 2026 तक मछली पकड़ने का पूर्ण प्रतिबंध भी लगा है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से यमुना नदी में विशेष अभियान चलाकर अवैध मछली कारोबार पर रोक लगाने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा नदी की जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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