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Wednesday, June 3, 2026

नगर पंचायत का बड़ा कदम, दो वार्ड होंगे बालश्रम मुक्त

सर्वसम्मति से पारित हुआ प्रस्ताव, अभियान को गति मिलने की उम्मीद

खागा, फतेहपुर, मो शमशाद । मुख्यमंत्री के वर्ष 2026 तक उत्तर प्रदेश को बालश्रम मुक्त बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में नगर पंचायत खागा ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। बोर्ड की बैठक में दो वार्डों को बालश्रम मुक्त घोषित करने की दिशा में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। इस निर्णय के साथ ही नगर क्षेत्र में बालश्रम उन्मूलन अभियान को नई गति मिलने की उम्मीद है। नगर पंचायत अध्यक्ष गीता सिंह एवं अधिशासी अधिकारी देवहुति पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बालश्रम उन्मूलन, बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा जनजागरूकता बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सभासदों, श्रम विभाग के अधिकारियों एवं अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि

बालश्रम को लेकर पोस्टर जारी करतीं चेयरमैन गीता सिंह।

चयनित वार्ड नं. एक अम्बेडकर नगर व वार्ड नं0 5 विवेकानंद नगर में बाल श्रमिकों की पहचान, उनके विद्यालयीकरण, अभिभावकों को जागरूक करने तथा पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही वार्ड स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को बालश्रम के दुष्परिणामों के प्रति सचेत किया जाएगा। एवीए के प्रतिनिधि अमन तिवारी ने बैठक का समन्वय करते हुए अभियान की वर्तमान प्रगति और आगामी कार्य योजना की जानकारी दी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से अपील की कि वे बालश्रम मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। नगर पंचायत अध्यक्ष गीता सिंह और अधिशासी अधिकारी देवहुति पाण्डेय ने कहा कि बालश्रम एक सामाजिक बुराई है, जिसे समाप्त करने के लिए सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समन्वित प्रयासों के माध्यम से अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नगर पंचायत खागा को चरणबद्ध तरीके से पूर्णतः बालश्रम मुक्त बनाने का संकल्प लिया। नगर पंचायत के इस फैसले को बाल अधिकारों की रक्षा और बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


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