बांदा, के एस दुबे । विकास खंड बिसंडा की ग्राम पंचायत कोर्रा खुर्द में प्रधानमंत्री आवास योजना के चयन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्राम पंचायत की प्रशासक प्रियंका पटेल ने खंड विकास अधिकारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम सचिव और ग्राम रोजगार सेवक पर पात्र लोगों को अपात्र तथा अपात्र लोगों को पात्र बनाकर सूची तैयार करने और अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत पत्र के अनुसार आवास योजना वर्ष 2026-27 की सूची में बिना स्थलीय जांच के 40 से अधिक अपात्र व्यक्तियों के नाम जोड़ दिए गए, जबकि कई वास्तविक पात्र लाभार्थियों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए। आरोप है कि ग्राम रोजगार सेवक पवन कुमार पटेल द्वारा प्रत्येक अपात्र व्यक्ति से 20 से 25 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है।
प्रशासक प्रियंका पटेल ने बताया कि कई बार आवास सूची की जानकारी मांगे जाने के बावजूद सचिव द्वारा सूची उपलब्ध नहीं कराई गई। बाद में 11 जून 2026 को पंचायत भवन में आयोजित खुली बैठक में सूची दिखाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में अपात्र लोगों के नाम पाए गए। बैठक में सचिव ने कथित रूप से अपात्र लोगों के नाम हटाने का आश्वासन दिया था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब अपात्र लोगों के नाम हटाने की मांग की गई तो सचिव ने कार्यवाही रजिस्टर और आवास सूची पर हस्ताक्षर एवं मुहर लगाने का दबाव बनाया। विरोध करने पर भुगतान रोकने और किसी भी शिकायत पर कार्रवाई न होने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। प्रशासक ने मनरेगा कार्यों में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्ष 2022 से 2026 तक कई योजनाओं की फाइलों में उनके हस्ताक्षर और मुहर नहीं हैं, फिर भी कार्य संचालित किए गए। आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का उपयोग कर सरकारी धन के गबन की आशंका है। मामले को गंभीर बताते हुए ग्राम प्रशासक ने आवास योजना की सूची की उच्चस्तरीय जांच कराकर अपात्र लोगों के नाम हटाने तथा दोषी सचिव और ग्राम रोजगार सेवक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, पंचायतीराज मंत्री, आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल, जिलाधिकारी बांदा सहित कई अधिकारियों को भी भेजी गई है।

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