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Saturday, July 4, 2026

"बुजुर्गों का सम्मान केवल परंपरा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों की पहचान है - अखिलेश प्रधान सिंह

पैतृक गांव के 135 बुजुर्गों को कराया रामलला का दर्शन।

बांदा, के एस दुबे । जिले के जौहरपुर गांव निवासी अखिलेश प्रधान सिंह, जो वर्तमान में मुंबई में सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, ने अपने पैतृक गांव के लगभग 135 बुजुर्ग श्रद्धालुओं को 3 जुलाई को अयोध्या धाम की पावन यात्रा कराकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कराए। यात्रा के बाद उन्होंने सभी बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर करते रहने का संकल्प व्यक्त किया। यात्रा के लिए जौहरपुर से दो बसें रवाना हुईं। प्रातःकाल सभी श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर सर्वप्रथम पावन सरयू नदी में स्नान किया। इसके बाद श्री हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन कर प्रभु श्रीरामलला सरकार के दिव्य दर्शन किए। दर्शन के बाद सभी बुजुर्गों के चेहरों पर संतोष, श्रद्धा और


प्रसन्नता साफ झलक रही थी। पूरे यात्रा दल का नेतृत्व स्वयं अखिलेश प्रधान सिंह ने किया। उन्होंने पहले से ही मंदिर प्रशासन से समन्वय स्थापित कर बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित कराई, ताकि किसी भी बुजुर्ग को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

गौरतलब है कि जौहरपुर निवासी अखिलेश प्रधान सिंह पेशे से सरकारी कर्मचारी हैं, लेकिन अपने गांव और समाज के प्रति उनका लगाव आज भी उतना ही गहरा है। वे समय-समय पर सामाजिक सेवा के कार्यों में सक्रिय रहते हैं। हाल ही में उन्होंने एक ऐसी बेटी के विवाह में भी महत्वपूर्ण सहयोग किया, जिसकी मां का निधन हो चुका था और पिता दोनों हाथ-पैर गंवा चुके थे। इस अवसर पर अखिलेश प्रधान सिंह ने कहा, "मनुष्य का जीवन बहुत छोटा है। इसे ईर्ष्या, द्वेष और बुराइयों में व्यर्थ करने के बजाय समाज और मानवता की सेवा में लगाना चाहिए। यदि हमारे छोटे-छोटे प्रयासों से किसी के चेहरे पर मुस्कान आती है, तो यही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। बुजुर्गों को अयोध्या धाम की यात्रा और रामलला के दर्शन कराना, उनके द्वारा दिए गए संस्कारों की छोटी-सी दक्षिणा है।" उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक बुजुर्गों को तीर्थयात्रा का अवसर मिल सके और समाज में सेवा, सम्मान एवं संस्कार की भावना और अधिक मजबूत हो।


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