फतेहपुर, मो शमशाद । दुष्कर्म एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में जिला कारागार में निरुद्ध आरोपी को न्यायालय से राहत मिल गई। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, केस डायरी एवं उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद आरोपी अजय पुत्र रामबाबू की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उसे जमानत पर रिहा किए जाने का आदेश पारित किया। अभियोजन के अनुसार जाफरगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती के अचानक लापता हो जाने पर उसके परिजनों ने 28 जनवरी 2026 को अजय के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मुकदमे में पॉक्सो अधिनियम की धाराएं भी बढ़ा दीं, जिसके बाद
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| अधिवक्ता सोहराब खान। |
आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को 21 मई 2026 से जिला कारागार में न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था। जमानत अर्जी पर हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सोहराब खान ने न्यायालय के समक्ष विस्तृत रूप से अपना पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि अभियुक्त और युवती एक-दूसरे को पहले से जानते थे तथा मामले के संबंध में कई ऐसे तथ्य हैं, जिन पर विचार किया जाना आवश्यक है। बचाव पक्ष ने न्यायालय के समक्ष उपलब्ध अभिलेखों एवं न्यायिक दृष्टांतों का हवाला देते हुए आरोपी को जमानत दिए जाने का अनुरोध किया। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अपने तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने तथा केस डायरी और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ने आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। न्यायालय ने निर्धारित शर्तों के साथ आरोपी को जमानत पर रिहा किए जाने के आदेश पारित किए। अधिवक्ता सोहराब खान ने बताया कि न्यायालय द्वारा जमानत अर्जी मंजूर किए जाने के बाद आरोपी की रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के उपरांत उसे जिला कारागार से रिहा किया जाएगा।

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