बांदा, के एस दुबे । कमासिन थाना क्षेत्र के इटर्रा बढ़ौनी गांव में दर्ज फायरिंग के मुकदमे में नया मोड़ सामने आया है। गांव के छह ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक बांदा को शपथपत्र देकर दावा किया है कि जिस घटना को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया है, वह उनके अनुसार हुई ही नहीं और नामजद आरोपी निर्दोष हैं। ग्रामीणों द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, थाना कमासिन में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 187/2026 से संबंधित मामले में उन्होंने कहा है कि 30 जून 2026 की शाम लगभग 8 बजे कथित घटनास्थल के पास उनके घर हैं और उस समय उन्होंने किसी प्रकार की फायरिंग की आवाज नहीं सुनी। उनका कहना है कि वे पुलिस और न्यायालय के समक्ष भी यही
बयान देने के लिए तैयार हैं। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 12 मई 2026 को गांव के नरेंद्र कुमार की 19 वर्षीय पुत्री अंजना देवी के घर से चले जाने के बाद संदेह के आधार पर गांव के कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि उसी रंजिश के चलते बाद में फायरिंग का झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया, जबकि नामजद आरोपी राकेश, राजेश, सरवन और कमलेश निर्दोष हैं। उन्होंने यह भी दावा किया है कि नामजद आरोपी राजेश कई महीनों से गांव में मौजूद नहीं है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उनके शपथपत्र को विवेचना का हिस्सा बनाकर निष्पक्ष जांच कराई जाए और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाने की मांग की है।

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