बांदा, के एस दुबे । विकास खंड बिसंडा की ग्राम पंचायत कोर्रा खुर्द की ग्राम प्रशासक प्रियंका पटेल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम सचिव एवं ग्राम रोजगार सेवक पर प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2026-27 की आवास योजना में पात्र लाभार्थियों के नाम काटकर उनकी जगह अपात्र लोगों के नाम जोड़े गए। साथ ही आरोप है कि अपात्र लोगों से आवास दिलाने के नाम पर ₹20 हजार से ₹25 हजार तक की अवैध वसूली की जा रही है। ग्राम प्रशासक का कहना
है कि उन्होंने कई बार आवास लाभार्थियों की सूची मांगी, लेकिन उपलब्ध नहीं कराई गई। 11 जून 2026 को आयोजित खुली बैठक में सूची दिखाए जाने पर उसमें बड़ी संख्या में अपात्र लोगों के नाम पाए गए। आरोप है कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो उन पर कार्रवाई रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर व मोहर लगाने का दबाव बनाया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2022 से 2026 तक मनरेगा कार्यों में फर्जी हस्ताक्षर और मोहर लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। ग्राम प्रशासक का दावा है कि उन्होंने मनरेगा से संबंधित किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, फिर भी उनके नाम का उपयोग किया गया। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस संबंध में 22 जून 2026 को खंड विकास अधिकारी बिसंडा को भी लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम प्रशासक प्रियंका पटेल ने जिलाधिकारी से आवास योजना की पात्रता सूची की उच्चस्तरीय जांच कराकर अपात्र लोगों के नाम हटाने, पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने तथा ग्राम सचिव और ग्राम रोजगार सेवक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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