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Wednesday, July 15, 2026

हमशक्ले पैगंबर का उठा ताबूत, आखरी पुरसा देने को उमड़े अज़ादार

दस दिवसीय अशरे का हुआ समापन

फतेहपुर, मो शमशाद । शहर क्षेत्र के बाकरगंज अलीगंज स्थित बारगाहे जैनबिया इमामबाड़े में चल रहे पारंपरिक दस दिवसीय अशरे का बुधवार को जानबे मौला अली अकबर (अ.स.) के ताबूत के साथ बड़े अकीदत व गम के बीच समापन हो गया। बनारस से आए जाने माने विद्वान शिया धर्मगुरु मौलाना नदीम असगर ने कर्बला में हुए अत्याचार व जनाबे मौला अली अकबर (अ.स.) पर मजलिस सुनाया कि इमाम हुसैन (अ.स.) के 18 वर्षीय बेटे जनाबे अली अकबर (अ.स.) की शहादत बहुत दर्दनाक थी। अली अकबर (अ.स.) पैगंबर हज़रत मोहम्मद (स.अ.) के चेहरे आवाज और चाल-ढाल के बिल्कुल समान थे इसलिए उन्हें हमशकल-ए-पैगंबर भी कहा जाता था और इमाम हुसैन (अ.स.) अक्सर उन्हें देखकर अपने नाना को याद किया करते थे। आशूरा के दिन 10 मोहर्रम बनी

ताबूत उठाते शिया समुदाय के लोग।

हाशिम में से सबसे पहले हज़रत अली अकबर ने अपने पिता से जंग की इजाज़त मांगी। आपकी बहादुरी और साहस ने दुश्मन की सेना में खलबली मचा दी थी। आगे पढ़ा कि मैदान-ए-कर्बला में दुश्मन की फौज के एक सिपाही ने आपकी छाती पर भाला मारा तो भाले के वार से आप घोड़े से जमीन पर गिर पड़े और दुश्मन ने चारों तरफ से घेर कर आपके जिस्म के टुकड़े-टुकड़े कर दिये। भयंकर युद्ध के दौरान प्यास और जख्मों से बेहाल अली अकबर पर दुश्मन के सिपाही मुर्रा बिन मुनकिज ने पीछे से एक भारी भाला उनकी छाती में दे मारा और आप घोड़े से गिर पड़े और आखिरी सांसों में अपने बाबा इमाम हुसैन (अ.स) को पुकारा। इमाम हुसैन (अ.स.) दौड़कर बेटे के पास पहुंचे और उनका सिर अपनी गोद में रख लिया। अली अकबर (अ.स) ने अपने बाबा को आखरी सलाम कहा और बोले मेरे नाना (पैगंबर) मौजूद हैं और मुझे जन्नत का पानी पिला रहे हैं। इसके बाद जब जानबे मौला अली अकबर (अ.स.) का ताबूत बरामद हुआ तो आखरी पुरसा दे अज़ादारो ने अपने को रोक न सके और मातम के साथ सिसकियों से गिरिया करने लगे। नौहाख्वान अमन नकवी, इतरत अली, अली मीर साहब व समीर नकवी ने दर्द भरे अंदाज से पढ़ा कि शब्बीर का वो बेटा मरने को जा रहा है, सुगरा वतन में जिसका सेहरा सजा रही है। संचालक अहमद हुसैन उर्फ जुगनू नवाब, व्यवस्थापक अशरफ अली पप्पू, फ़रहत अली, अम्मार हैदर, मुख्तार हसन, रफत रिज़वी, अली, वकार हैदर, कल्बे अली आदि बड़ी संख्या में अजादर मौजूद रहे। 


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