शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की उठाई मांग
बांदा, के एस दुबे । जसपुरा विकासखंड की खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) श्रीमती आभा अग्रवाल पर कथित रूप से विद्यालयों से निरीक्षण, कंपोजिट ग्रांट तथा शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मामलों के नाम पर अवैध वसूली किए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को लेकर क्षेत्र के शिक्षकों में चर्चा का माहौल है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि विकासखंड जसपुरा में लगभग तीन वर्षों से तैनात बीईओ आभा अग्रवाल प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मिलने वाली कंपोजिट ग्रांट से कथित रूप से धनराशि वसूलती हैं। आरोप है कि जिन विद्यालयों को 50 हजार रुपये की कंपोजिट ग्रांट मिलती है, उनसे 5 हजार रुपये तथा 25 हजार रुपये ग्रांट वाले विद्यालयों से 2,500 रुपये प्रति विद्यालय लिए जाते हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया है कि विद्यालय निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिलने वाले शिक्षकों से प्रतिदिन 5 हजार रुपये तथा नियमित रूप से विद्यालय न आने वाले शिक्षकों से प्रति माह 15 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है। साथ ही क्षेत्र के दर्जनों अवैध स्कूलों से वसूली की जाती है आरोपों के अनुसार, इस माध्यम से प्रतिमाह लाखों रुपये की घूस एकत्र किए जाने का दावा किया गया है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि बीईओ के पूर्व कार्यकाल के दौरान अन्य जनपदों में पुस्तक वितरण और छात्राओं के लिए नैपकिन खरीद से जुड़े मामलों में भी विवाद सामने आए थे। सब कुछ जानकार भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनजान बने हुए हैं। जब जसपुरा खंड शिक्षा अधिकारी से उनका पक्ष लेने के लिए फोन लगाया जाए तो उनका फोन ही नहीं रिसीव हुआ।

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