बांदा, के एस दुबे । अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर शनिवार को पुलिस लाइन बांदा में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज की अध्यक्षता में अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था (AUPAD) के सहयोग से सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण देकर श्रवणबाधित (DEAF) नागरिकों के साथ संवाद में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना रहा। नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय, प्रयागराज से आईं सांकेतिक भाषा अनुवादक सुश्री अपराजिता पाण्डेय ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सांकेतिक भाषा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा की
बुनियादी जानकारी देने के साथ विभिन्न परिस्थितियों में संवाद स्थापित करने का अभ्यास भी कराया गया। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुरक्षा और न्याय की सेवाएं पहुंचाना पुलिस का दायित्व है। सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण पुलिस और श्रवणबाधित नागरिकों के बीच संवाद को सुगम बनाने में सहायक होगा।
कार्यशाला के समापन पर क्षेत्राधिकारी सदर प्रतिज्ञा सिंह ने उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए सांकेतिक भाषा अनुवादक अपराजिता पाण्डेय को पुलिस अधीक्षक बांदा की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही कार्यशाला में शामिल पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी सक्रिय प्रतिभाग के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन बांदा वेलास यादव सहित विभिन्न थानों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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