Pages

▼

Sunday, September 27, 2026

कौबरा में गूंजा कुश्ती का रोमांच, देशभर के पहलवानों ने दिखाया दमखम

विजेता पहलवानों को 5 से 10 हजार रुपये तक के नगद पुरस्कार से किया गया सम्मानित

मानिकपुर, चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । विकासखंड मानिकपुर के ग्राम कौबरा में विशाल इनामी दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ऐतिहासिक दंगल में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, वाराणसी, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, झांसी, दतिया, सतना, ग्वालियर, लखनऊ और कानपुर सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे पहलवानों ने अपने दमखम और कुश्ती कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। अखाड़े में पहलवानों के दांव-पेंच देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। दंगल का शुभारंभ जिला पंचायत सदस्य एवं समाजसेवी अर्जुन सिंह बघेल ने किया। इस अवसर पर विधायक अविनाश द्विवेदी ‘लल्ली महाराज’ और पूर्व सांसद भैरव प्रसाद मिश्र भी मौजूद रहे। अतिथियों ने पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए विजेता एवं उपविजेता पहलवानों को नगद


पुरस्कार देकर सम्मानित किया। विजेता पहलवानों को मुकाबले के अनुसार पांच से दस हजार रुपये तक के पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर अर्जुन सिंह बघेल ने कहा कि आधुनिक दौर में युवा पारंपरिक खेलों और कुश्ती से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे समय में दंगल जैसे आयोजन कुश्ती की गौरवशाली परंपरा को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि कुश्ती केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि शारीरिक मजबूती, अनुशासन और आत्मविश्वास का भी आधार है। प्रतिभाशाली युवा कुश्ती के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपना भविष्य संवार सकते हैं। दंगल में क्षेत्रीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की। कौबरा, गढ़चपा, गौरिया सहित आसपास के गांवों से पहुंचे लोगों ने आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान अर्जुन सिंह बघेल का लोगों ने जोरदार स्वागत और अभिनंदन किया।


दंगल के मुख्य आयोजक कौबरा के पूर्व प्रधान प्रेमका मिश्रा, समाजसेवी महेंद्र मिश्रा एवं बरमदीन मिश्रा का आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजकों ने सभी अतिथियों, पहलवानों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया। दंगल के सफल आयोजन में सुरेंद्र दुबे, सतीश मिश्रा, वेद प्रकाश मिश्रा, रज्जू मिश्रा एवं राजाभाई द्विवेदी सहित अन्य सहयोगियों की भी सराहनीय भूमिका रही। कौबरा के इस ऐतिहासिक दंगल में कुश्ती की परंपरा, युवाओं का जोश और अखाड़े की गौरवशाली संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।

No comments:

Post a Comment