कवर्ड नाली नहीं होने से जलनिकासी बाधित होने और हादसों का खतरा, जांच की मांग
बांदा, के एस दुबे । जसपुरा कस्बे में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा अलग-अलग वर्षों में कराए गए नाला निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक वर्ष 2016 में थाना जसपुरा से पुराने बस स्टैंड तक नाले का निर्माण कराया गया था। इसके बाद वर्ष 2019 में इंडियन बैंक से ब्लॉक कार्यालय तक तथा आगे के हिस्से में बोल्डर-पत्थर से नाला बनाया गया। अब वर्ष 2026 में गल्ला मंडी से तरौड़ा पुलिया तक नाले का निर्माण कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों को पूरी तरह कवर्ड नहीं किए जाने से कई जगह लोग अपनी सुविधा के अनुसार नाले में मिट्टी डालकर उसे बंद कर देते हैं, जिससे पानी की निकासी बाधित हो जाती है। वहीं घरों के सामने बने नालों पर लोग अपनी जरूरत के अनुसार पटिया डालते हैं। इससे आवागमन में परेशानी के साथ ही आए दिन दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जहां आबादी और घरों के सामने नाले का निर्माण हो रहा है, वहां कवर्ड नाली बनाई जाए, ताकि नाला बंद न हो और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े। लोगों का कहना है कि यदि नाले को व्यवस्थित ढंग से ढका जाए तो जलनिकासी भी सुचारु रहेगी और हादसों की आशंका भी कम होगी। वहीं ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में लापरवाही मानकों के अनदेखी को लेकर मुख्यमंत्री से मांग की है कि जल्द से जल्द जांच हो जिससे निर्माण कार्य सही ढंग से हो सके। निर्माण कार्य को लेकर मानकों पर उठ रहे सवालों के संबंध में जब पीडब्ल्यूडी के जेई से जानकारी ली गई। जेई के अनुसार नाले के निर्माण में लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा ही कवर्ड प्रावधान में आता है, जबकि शेष हिस्सा कवर्ड नहीं किया जाता। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर निर्माण कार्य की जांच कराने, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की जांच करने तथा आबादी वाले हिस्सों में आवश्यकतानुसार कवर्ड नाली बनाए जाने की मांग की है।

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