स्थानीय भागीदारी से समाधान की कार्ययोजना पर जोर
चित्रकूट, के एस दुबे : सीतापुर स्थित रैन बसेरा में बुधवार को बुंदेलखंड संघर्ष मोर्चा का एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं पर चर्चा की। दिया महिला मंच, दस्तक महिला मंच, दलित महिला समिति, दलित आदिवासी जन संगठन, बुंदेलखंड खेती बचाओ मोर्चा और एकता मंच के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सम्मेलन में पानी की कमी, लगातार गिरते भूजल स्तर, खेती एवं सिंचाई संकट, रोजगार के अभाव और पलायन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य तथा महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे उठाए गए। वक्ताओं ने जैविक खेती को बढ़ावा देने और स्थानीय कृषि उत्पादों के लिए
बेहतर बाजार, प्रसंस्करण सुविधाएं तथा उचित मूल्य की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता बताई। वक्ताओं ने कहा कि पानी, खेती, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल एक-दूसरे से जुड़े हैं। इनके समाधान के लिए स्थानीय समुदायों की भागीदारी के साथ साझा रणनीति और सामूहिक कार्ययोजना तैयार करने की जरूरत है। सम्मेलन में ग्राम सभा और स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करने तथा सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग की रंजीता पाण्डेय, विधिक सेवा प्राधिकरण के रवि कुमार, चित्रकूट कलेक्टिव की मीरा जाटव, बांदा प्रभात समिति के राजाराम, बुंदेलखंड खेती बचाओ मोर्चा के कोठारी जी और दिया वेलफेयर सोसाइटी की ममता सोनी समेत अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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