सात अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी
फतेहपुर, मो शमशाद । उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील सदर इकाई ने लेखपाल संवर्ग की लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर तहसील मुख्यालय में धरना दिया तत्पश्चात मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर के माध्यम से भेजा। संघ ने शासन स्तर पर मांगों का शीघ्र निस्तारण नहीं होने पर सात अक्टूबर से चरणबद्ध तरीके से सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन में लेखपाल संघ ने कहा है कि राजस्व विभाग में लगातार कार्यभार बढ़ रहा है। इसके बावजूद कई वर्षों से वेतन विसंगति, स्थानांतरण, पदोन्नति, भत्तों में वृद्धि सहित विभिन्न मांगें लंबित हैं। इससे लेखपाल संवर्ग में असंतोष व्याप्त है। संघ ने प्रमुख रूप से प्रारंभिक वेतनमान 2800 ग्रेड पे किए जाने तथा वेतन विसंगति दूर करने, पिछले आठ वर्षों से लंबित अंतर्मंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू
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| मांगों को लेकर धरना देते लेखपाल। |
करने की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार करीब 2700 लेखपाल अपने गृह जनपद अथवा गृह मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर कार्यरत हैं। इसके अलावा चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने, चयन वर्ष 2024 के विभागीय परीक्षा परिणाम घोषित कर नवनियुक्त लेखपालों का स्थायीकरण करने की मांग भी की गई है। लेखपाल संघ ने पिछले कई वर्षों से भत्तों में वृद्धि नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। संघ ने स्टेशनरी भत्ता 500 प्रतिमाह तथा मोटरसाइकिल/वाहन भत्ता 1500 प्रतिमाह किए जाने समेत अन्य भत्तों में वृद्धि की मांग की है। संघ ने अयोध्या के सोहावल तहसील में 20 अगस्त को ग्राम पंचायत भवन में सरकारी कार्य कर रहे एक लेखपाल के संबंध में एंटी करप्शन टीम की ट्रैपिंग की घटना का उल्लेख करते हुए सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ज्ञापन के अंत में संघ ने चेतावनी दी कि यदि लंबित मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो सात अक्टूबर से लेखपाल चरणबद्ध तरीके से सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे। संघ ने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रशासनिक कार्यों में आने वाली बाधा और आम जनता को होने वाली असुविधा के लिए संबंधित शासन स्तर को जिम्मेदार माना जाएगा। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष हरिगोविन्द सिंह, मंत्री प्रदीप कुमार के अलावा आशुतोष सिंह, धरमवीर सिंह, नागराज सिंह, आरती, अनामिका, अनीस, यश पाण्डेय, आकाश कुमार, मनोज कुमार, ज्ञानेन्द्र, अंकित यादव, अंकित कुमार आदि मौजूद रहे।

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