डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
बांदा, के एस दुबे । जनपद की समस्त आशा कार्यकत्रियों और आशा संगिनियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आज कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जोरदार नारेबाजी के बीच आक्रोशित महिलाओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन प्रेषित किया, जिसमें मानदेय बढ़ाने समेत कई गंभीर मांगें उठाई गईं। आशा एवं आशा संगिनियों का मानदेय बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह किया जाए।वर्ष 2014 में आशा से पदोन्नति कर आशा संगिनी का चयन तो किया गया, लेकिन आज तक उनका मानदेय नहीं बढ़ाया गया। वर्तमान में सुपरविजन के नाम पर मिलने वाले 300 रुपये प्रति विजिट को बढ़ाकर 700 रुपये प्रति
विजिट किया जाए। सेवाकाल के दौरान आशा कार्यकत्री की मृत्यु होने पर उनके आश्रित परिवार को सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाए। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संघ के पदाधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी इन जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो बांदा में एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान संगठन के अध्यक्ष विनोद तिवारी और जनसेवक पीसी पटेल ने प्रमुख रूप से अपनी बात रखते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकत्रियां आज आर्थिक तंगहाली से जूझ रही हैं, और सरकार को उनकी सुधि लेनी ही होगी।

No comments:
Post a Comment