SIR प्रक्रिया रोकने और हटाए गए मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की उठाई आवाज
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । वामपंथी दलों, किसान सभा के कार्यकर्ताओं और जनवादी महिला समिति के सदस्यों ने गुरुवार को प्रदर्शन कर जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कर्वी को सौंपा गया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए माकपा के मंडल सचिव कामरेड रुद्र प्रसाद मिश्र ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाकर गिरफ्तार किया जाए। कामरेड मिश्र ने आरोप लगाया कि दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और बल प्रयोग की निंदा करते हुए कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी अनुचित व्यवहार किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
ज्ञापन के माध्यम से वामपंथी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तत्काल रोकने तथा इस प्रक्रिया के दौरान गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल करने की मांग की। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के कानून को रद्द करने तथा नियुक्ति प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम सुरक्षित रखना और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। माकपा नेताओं ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताया। प्रदर्शन का नेतृत्व माकपा के सचिव मंडल सदस्य कामरेड रुद्र प्रसाद मिश्र और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के जिला सचिव कामरेड अमित यादव ने किया।

No comments:
Post a Comment