कानपुर, प्रदीप शर्मा - चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.आनंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को उत्पादों के भौगोलिक चिन्हक (जीआई) पंजीयन की प्रक्रिया को बढ़ावा देने एवं इससे जुड़े विभिन्न हित धारकों के संवेदीकरण के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डॉ रजनीकांत द्विवेदी ने विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, केवीके वैज्ञानिकों, शोध छात्र छात्राओं को सरल एवं सहज ढंग से जी आई पंजीकरण एवं इसकी उपयोगिता, अंतरराष्ट्रीय बाजारोन्मुखी निर्यात आदि विषयो के बारे मे बताया। उन्होंने बताया कि जी आई पंजीकरण के लिए किसी संस्था संगठन द्वारा चेन्नई मुख्यालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है जहां किसी उत्पाद के विशिष्ट गुणों, भौगोलिक पहचान के आधार पर जी आई पंजीकरण किया जाता है।उन्होंने कहा अभी प्रदेश में 76 उत्पादों का
उनके विशेष गुणों के आधार पर पंजीकरण हुआ है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ आनंद कुमार सिंह ने कहा कि जनपद के विशिष्ट उत्पादों को चिन्हित कर उनका पंजीकरण कराए क्योंकि जीआई के पंजीकरण से केवल किसानो को ही नहीं बल्कि इससे जुड़े वैज्ञानिकों,व्यापारियों के साथ ही अनेक हितधारकों को भी लाभ होता है। डॉ सिंह ने कहा कि इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात को प्रोत्साहित किया जा सके। जिससे प्रदेश के किसानो में खुशहाली बढ़ेगी। इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार डॉ. सुग्रीव शुक्ला ने प्रदेश में अभी तक हुए जी आई उत्पादों के बारे में जानकारी देने के साथ ही नए जी आई के उत्पादों को चिन्हित कर पंजीकरण कराने में सहयोग की भी बात की। इस अवसर पर डॉ. विजय कुमार यादव निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र,डॉ. आरके यादव निदेशक प्रसार, डॉ. केशव आर्य ,डॉ. वी के त्रिपाठी सहित अन्य वैज्ञानिक मौजूद रहे ।


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