कानपुर, प्रदीप शर्मा - भारत सरकार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, एमएसएमई-विकास कार्यालय, कानपुर द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए प्रदर्शनी एवं ट्रेड फेयर-2026 आयोजित किया गया जिसका उद्घाटन मुख्य अतिथि राकेश सचान, कैबिनेट मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हस्तशिल्प एवं वस्त्रोद्योग, उ.प्र. सरकार द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में कार्यालय के कार्यक्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले 25 जनपदों के पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस ट्रेड फेयर में 100 से अधिक पीएम विश्वकर्माओं ने प्रतिभाग किया। एमएसएमई-विकास कार्यालय कानपुर के निदेशक वी.के. वर्मा, ने वहां उपस्थित सभी प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कारीगरों से कहा कि आपके व्यवसाय से संबंधित हर समस्या का समाधान करने के लिए एमएसएमई का यह कार्यालय हर वक्त आपके साथ तैयार खड़ा है, समस्या चाहे ऋण की,तकनीकी दक्षता की या उत्पाद के प्रदर्शन की हो उन सभी को पूरा किया जायेगा। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सुरेन्द्र मैथानी, विधायक गोविन्द नगर, कानपुर ने विश्वकर्मा कारीगरों का उत्साहवर्धन करने के साथ उनके उत्पादों का निरीक्षण
किया और योजना के अन्तर्गत मिलने वाले विभिन्न लाभों को लेने के लिए प्रेरित किया। नीलिमा कटियार, विधायक, कल्याणपुर, कानपुर ने पीएम विश्वकर्मा उद्यमियों को प्रोत्साहित करते हुए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कार्यालय की सराहना की। मुख्य अतिथि ने कहाकि वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री ने पूरे देश के लोगों को विश्वकर्मा जयन्ती के अवसर प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की शुरूआत की थी जिसमें एक एक बड़ा बजट 13 हजार करोड़ का प्रावधान किया था अब हमें जरूरत है कि हम अपने स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करें जिससे पीएम विश्वकर्मा शिल्पकार आत्मनिर्भर बन सकें और उनके हुनर को प्रोत्साहन मिलता रहे। डा. भक्ति विजय शुक्ला, सहायक निदेशक, विस्तार केन्द्र सुगन्ध एवं सुरस विकास केन्द्र, कानपुर ने पीएम विश्वकर्मा उद्यमियों से आह्वान किया और पीएम विश्वकर्माओं को उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने के बारे में बताया। कार्यक्रम में आलोक श्रीवास्तव, सहायक निदेशक एवं अवधेश सोनकर, डोमेन विशेषज्ञ पीएम विश्वकर्मा ने उपस्थित विश्वकर्मा कारीगरों को व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन अविनाश कुमार अपूर्व, सहायक निदेशक ने किया।


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