पुराने मुकदमों व बिखरे अभिलेखों पर सख्ती
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । कर्वी तहसील में गुरुवार को जिलाधिकारी पुलकित गर्ग का औचक निरीक्षण प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सख्त संदेश बनकर सामने आया। तहसील की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जन समस्याओं के त्वरित समाधान को परखने पहुंचे जिलाधिकारी ने सबसे पहले नायब तहसीलदार न्यायालय का निरीक्षण किया और लंबित सबसे पुराने पांच वादों की पत्रावलियों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पत्रावलियों में दर्ज फर्द काम अब हस्तलेखन में नहींए बल्कि अनिवार्य रूप से टाइप किए जाएं ताकि अभिलेखों में स्पष्टता बनी रहे। साथ ही पुराने मामलों में नियमित तिथियां तय कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा तथा उपजिलाधिकारी कर्वी को न्यायालयी कार्यों की सतत निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी। निरीक्षण के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य संग्रह अमीन संघ कार्यालय और संग्रह कार्यालय में अभिलेखों के बिखरे और अव्यवस्थित रखरखाव पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने महत्वपूर्ण
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| तहसील में जांच करते डीएम |
पत्रावलियों को कपड़े के बस्तों में सुरक्षित रखने और कार्यालय में फैले कागजातों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। साथ ही अनुपयोगी एवं पूर्ण हो चुकी वसूली की फाइलों की तत्काल वीडिंग कराने को कहा। जिलाधिकारी ने शीर्ष दस बड़े बकाएदारों की पत्रावलियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि बैंकों की रिकवरी आर्थिक चक्र की धुरी है और वसूली में ढिलाई से उद्योग व व्यापार दोनों प्रभावित होते हैं। खनन में पकड़े गए ट्रकों पर नियमानुसार जुर्माना वसूलने या विधिक कार्रवाई कर उन्हें बंद कराने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा वीआरसीए भारत निर्वाचन आयोग के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण तथा फॉर्म.6 पटल का निरीक्षण कर डेटा फीडिंग में त्रुटि न होने की सख्त हिदायत दी गई। भूलेख अनुभाग में परवाना रजिस्टर का अवलोकन करते हुए उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा और चेतावनी दी कि कार्यों में शिथिलता बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।
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