कानपुर, प्रदीप शर्मा - महिला दिवस के अवसर पर रविवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के मानव विकास एवं पारिवारिक अध्ययन विभाग, सामुदायिक विज्ञान संकाय की सह प्राध्यापक डॉ मुक्ता गर्ग ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। जिसको मानने का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के स्तर को ऊंचा उठाने के साथ साथ सामाजिक उन्नति में महिलाओं के योगदान को पहचान कर उनको सम्मानित करने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उनके साथ हो रहे समाजिक,व्यवसायिक, व्यहवारिक भेद भावों को दूर करना है। इस बार महिला दिवस का मुख्य विषय "गिव टू गैन" है। यानी कि 'देने से पाना' जिसका मूल अर्थ है, कि महिलाओं को सशक्त बनाना समाज और देश के विकास में निवेश करना है। डॉ गर्ग ने बताया कि यह शीर्षक हमको खास संदेश देता है कि सशक्तिकरण एकतरफा प्रक्रिया नहीं है, महिला सशक्तिकरण के लिए पारस्परिक
संबंधों को बनाना आवश्यक है। वर्तमान में न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में महिलाओं की जनसंख्या लगभग पचास प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को विभिन्न स्थानों पर समान अवसर प्रदान करे एवं ज्ञान साझा करे, जो कि परिवार और समाज दोनों के उत्थान में सहायक होगा। आज भी बहुत देशों में महिलाओ को शिक्षा एवं मूल भूत अधिकारो से वंचित रखा जाता है। इसके लिए आवश्यक है कि समाज अपनी सोच बदले महिलाओं को संमृद्ध वातावरण मिले, उनके खिलाफ कोई भेदभाव न हो। महिलाओं को सशक्त बनाना सभी के उज्ज्वल भविष्य के लिए निवेश करना है।


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