बांदा, के एस दुबे । जिले के तिंदवारी ब्लॉक से ग्राम अमलोर के उच्च प्राथमिक विद्यालय की हेडमास्टर पर गंभीर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्राम प्रधान ने खुद जिलाधिकारी को पत्र लिखकर हेडमास्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और तत्काल तबादले की मांग की है। ग्रामीण सहित प्रधान का आरोप है कि जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद अब तक कोई एक्शन नहीं हुआ। बांदा के तिंदवारी ब्लॉक स्थित ग्राम अमलोर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर किरन शुक्ला पर स्कूल के संसाधनों के दुरुपयोग और घोर वित्तीय अनियमितता के आरोप हैं। ग्राम पंचायत अमलोर के प्रधान भूपेन्द्र सिंह उर्फ गोरे ने 24 अप्रैल को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा है। पत्र में प्रधान ने लिखा है कि पिछले तीन सालों में स्कूल को मिली 2 लाख 25 हजार रुपये की कंपोजिट ग्रांट का हिसाब-किताब गड़बड़ है। बिल तो मौजूद हैं, लेकिन बिल के मुताबिक स्कूल में न तो सामग्री दिखती है और न ही कोई निर्माण कार्य हुआ है
शिकायत में सबसे बड़ा सवाल जांच में देरी और कार्रवाई न होने पर उठाया गया है। प्रधान के मुताबिक 15 दिसंबर 2025 को पहली शिकायत की गई थी। इसके बाद 20 जनवरी 2026 को जांच टीम स्कूल पहुंची। जांच रिपोर्ट 10 अप्रैल 2026 को पोर्टल पर अपलोड भी कर दी गई। लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी हेडमास्टर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इतना ही नहीं, 9 अप्रैल 2026 को डीएम के निर्देश पर एसडीएम पैलानी की टीम ने भी जांच की। प्रधान का दावा है कि इस टीम ने भी शिकायत के हर बिंदु पर हेडमास्टर किरन शुक्ला को दोषी पाया। बावजूद इसके न तो तबादला हुआ और न ही कोई विभागीय कार्रवाई। प्रधान भूपेन्द्र सिंह का आरोप है कि पूर्व में भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन हर बार मामले को दबा दिया गया। जांच में विलंब का फायदा उठाकर लिपापोती की जा रही है। प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि हेडमास्टर के कारण रोज स्कूल का माहौल खराब हो रहा है। इसकी सूचना बीएसए और बीईओ को फोन पर दी जा चुकी है। अब प्रधान ने जिलाधिकारी से मांग की है कि श्रीमती किरन शुक्ला के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाए और उनका अमलोर से तबादला किया जाए, ताकि स्कूल में पढ़ाई का माहौल सुधर सके।


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