दो हफ्ते से ज्यादा खांसी होने पर तुरंत कराएं जांच
जिले में चल रहा सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान
बांदा, के एस दुबे । राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग दोनों प्रतिबद्ध हैं। सक्रिय क्षय रोगी खोज (एसीएफ) अभियान चल रहा है। इसी कड़ी में शहर के वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को टीबी रोग के बारे में जानकारी दी गई। दो सप्ताह से अधिक खांसी आने पर नजदीक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराने के बारे में प्रेरित किया। मंगलवार को जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रदीप वर्मा ने बताया कि समय पर टीबी मरीज की पहचान और उपचार शुरू होने से मरीज के संपर्क में आने वाले लोग संक्रमण से बच जाते हैं। संक्रमित व्यक्ति के खांसने व छींकने से निकलने वाली बूंदों के सम्पर्क में आने से फेफड़ों की टीबी फैलती है। उन्होंने बताया कि दो हफ्ते से अधिक समय से खांसी-बुखार, खांसी आते समय सीने में दर्द होना, बलगम में खून आना, कमजोरी एवं थकावट महसूस होना, भूख न लगना, लगातार वजन का कम होना, सोते समय अधिक पसीना आना आदि लक्षण हों तो टीबी की जांच जरूर कराएं।
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| वृद्धाश्रम में मौजूद वृद्धजन |
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजय कुमार शैवाल ने बताया कि अनाथालय, वृद्ध आश्रम, बाल संरक्षण गृह, मदरसा, नवोदय विद्यालय और कारागार में 23 फरवरी तक टीबी रोग की बारे में बताया जाएगा। 24 फरवरी से पांच मार्च तक दस दिवसीय विशेष अभियान के तहत एनटीईपी कर्मचारी, एएनएम, आशा द्वारा जनपद की 20 प्रतिशत जनसंख्या- (शहरी व ग्रामीण मलिन बस्ती तथा उच्च जोखिम क्षेत्र) में घर-घर स्क्रीनिंग करेंगी। इसके अलावा चिन्हित समूह-स्थल, सब्जी मंडी, फल मंडी, लेबर मार्केट, निमार्णाधीन प्रोजेक्ट, ईंट भट्ठों, स्टोन क्रशर, खदान, साप्ताहिक बाजार आदि में भी अभियान चलाया जाएगा। एसटीएस अशरफ हयात ने कहा कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर टीबी के साथ शुगर, एचआईवी के मरीजों की भी तलाश करेंगे। उन्होंने बताया-एसीएफ में मिलने वाले क्षय रोगियो का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे टीबी मरीज की पहचान कर समय से उपचार शुरू किया जा सके।


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