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Tuesday, March 7, 2023

ऊहापोह की स्थिति: कहीं सुबह तो कहीं शाम को हुआ होलिका दहन

अबीर-गुलाल का टीका लगा लोगों ने दी शुभकामनाएं

डीजे पर होली के गीत बजाकर खूब थिरके होरियारे

बांदा, के एस दुबे । भद्राकाल के चलते होलिका दहन को लेकर भ्रम की स्थिति बरकरार रही। ज्योतिषियों के अलग-अलग मत होने के कारण किसी होलिका दहन कमेटी ने सुबह सूर्योदय से पहले होलिका दहन किया तो किसी कमेटी ने शाम के समय होलिका को अग्नि दी। होलिका दहन के बाद लोगों ने एकदूसरे के माथे पर अबीर का टीका लगाया और गालों पर गुलाल मलकर होली की शुभकामनाएं दीं। वैसे तो बीते कुछ वर्षों से लगातार ऐसा देखने में आ रहा है कि विशेष त्योहार दीपावली और रक्षाबंधन में भद्राकाल के चलते पर्व दो दिन मनाये जा रहे थे, लेकिन ऐसा कई साल बाद हुआ कि जब होलिका दहन भी अलग-अलग समय पर हुआ हो। ज्योतिषियों के अनुसार पूर्णिमा तिथि मंगलवार को सुबह आई। इसके बाद होलिका दहन का सुबह सूर्योदय से पहले का मुहूर्त था। जिसको देखते हुए जनपद में तकरीबन 50 प्रतिशत होलिका दहन कमेटियों ने होलिका दहन कर दिया। बाकी होलिका में

सोमवार की रात जलाई गई होलिका

शाम को अग्नि देकर लोगों ने होलिका महारानी की परिक्रमा की और गेहूं की बाली व चने का बिरवा होलिका को अर्पण करने के बाद स्वयं प्रसाद रूप में ग्रहण किया। होलिका दहन होने के साथ ही लोगों ने एकदूसरे को माथे पर अबीर का तिलक लगाया और गालों पर जमकर गुलाल मला। जहां मंगलवार को सुबह होलिका दहन हो गया, वहां लोगों ने रंग भी खेलना शुरू कर दिया। इनमें ग्रामीण इलाकों समेत शहर के भी कुछ मोहल्ले शामिल रहे। उधर होरियारों ने त्योहार पर बाजार में आई विशेष टोपियां पहनकर होलिका दहन के बाद डीजे में होली के गीतों पर जमकर डांस किया। देर रात तक होरियारे संगीत पर अपनी धुन में थिरकते रहे। कल बुधवार और गुरुवार को यहां जमकर होली खेली जायेगी। होली के त्योहार पर हुड़दंग में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न होने पाये इसको ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने सोमवार को भांग और शराब की दुकानें गुरुवार को अपराह्न 2 बजे तक पूरी तरह से बंद रखने का आदेश दिया है।

आधी बाजार खुली, आधी में तालाबंदी

मंगलवार बंदी का दिन होने के कारण आधी दुकानें बंद रहीं, लेकिन होली का त्योहार के कारण आधी दुकानें खुली रहीं। रंग, अबीर, गुलाल और पिचकारी की दुकानें रोज की तरह ही खुलीं, हालांकि कल की अपेक्षा आज बाजार में खरीददारों की संख्या काफी कम रही। होलिका दहन होने के बाद बाजार में रंग तो नहीं खेला गया, लेकिन अबीर और गुलाल से लोगों ने एकदूसरे के चेहरे लाल-हरे कर दिये।

आधा दर्जन मोहल्लों में फूटेगी मटकी

शहर के तकरीबन आधा दर्जन मोहल्लों कालूकुआं, खुटला, छोटी बाजार, बन्यौटा, बाबूलाल चैराहा, डीएम कॉलोनी आदि में ‘गोविंदा आला रे’ गीत पर बुधवार को रंगों के बीच दही की मटकी फोड़ी जायेंगी। होरियारे आज होलिका दहन के दिन ही इसकी तैयारी में जुट गये हैं। मटकी फोड़ने के लिये एक्सपर्ट होरियारों की टीम भी तैयार की गई है। इन लड़कों की अलगह वेशभूषा का भी प्रबंध किया गया है।

होलिका दहन के साथ फाग गायन शुरू

होलिका दहन के साथ ही ग्रामीण इलाकों में परंपरागत फाग गायन भी शुरू हो गया। लोग ढोलक की थाप के साथ ही मंजीरों की खनक के साथ होलिका दहन स्थल पर ही ईसुरी की चैकड़ियों का आनंद लेते नजर आये। कल बुधवार को फाग गायक कलाकारों के साथ होरियारों की टोलियां ग्रामीण इलाकों और कस्बों में नाचते-गाते भ्रमण करेंगी। घर-घर इन टोलियों का मीठी गुझिया से स्वागत होगा।


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