छात्र-छात्राओं से किए गए सवाल, पुरस्कार का हुआ वितरण
बांदा, के एस दुबे । पैरा मेडिकल कालेज एंड नर्सिंग स्कूल तिदंवारा में शुक्रवार को फिजियोथेरेपी दिवस मनाया गया। अतिथि के तौर पर जिला अस्पताल के फिजियोथिरेपिस्ट डा. निशांत मौर्या मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि फिजियोथिरेपी चिकित्सा को आरंभ करने का श्रेय हेनरिकलिंग और मैरी मैकमिलन को जाता है। विश्व में पहली बार फिजियोथेरेपी दिवस 0 सितंबर 1996 को मनाया गया था। जबकि 1887 में स्वीडन के नेश्ज्ञनल बोर्ड आफ हेल्थ एंड वेलफेयर द्वारा फिजियोथिरेपिस्टो को सरकारी पंजीकरण दिया जाने लगा था। डा. ज्ञान प्रकाश ने यह बताया कि विश्व फिजियोथिरेपी दिवस की स्थापना सन 1951 में हुई थी। छात्र-छात्राओं से प्रश्नोत्तर किए गए और उनको पुरस्कार वितरण किया गया। इसके साथ ही निशुल्क कैंप लगाकर 80 मरीजों का उपचार फिजियोथिरेपी चिकित्सा
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| कार्यक्रम को संबोधित करते अतिथि |
पद्धति के माध्यम से किया गया। इसमें कालेज के बीएससी नर्सिंग, जीएनएम, एएनएम एवं डीपीटी पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। वरिष्ठ फिजियोथिरेपिस्ट डा. केके गुप्ता, डा. कामिल और डा. एसके भूषण को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। यह जानकारी चेयरमैन मकबूल अली खान और डायरेक्टर डा. जरीना खान ने दी। कार्यक्रम में कालेज का सभी स्आफ जिसमें प्रिंसिपल डीपीटी, डा. ज्ञान प्रकाश प्रिंसिपल नर्सिंग, सीमा खातून, डा. आनंद, डा. फिरदौस, शमीम खान, मनोज त्रिपाठी, मंजूर अी खान, जितेंद्र कुमार, भारिया अहमद, बीडी अहिरवार, शीलम रैकवार, आकांक्षा शुक्ला, वैशाली, कृतिका, फैजान मसूदी, सलमा खातून, अनुजा, साक्षी, श्ज्ञिवाकांत, मुकेश्ज्ञ, आसमां खानम और हरिदास आदि मौजूद रहे।


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