चित्रकूट में कर्मचारियों की हुंकार 0 आगामी उग्र आंदोलन की तैयारी
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ शिक्षक-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सोमवार को जनपद चित्रकूट के कृषि भवन प्रांगण, पटेल तिराहा को हक की लड़ाई का रणभूमि बना दिया। 24 जून को आयोजित एक दिवसीय भूख हड़ताल एवं सत्याग्रह आंदोलन में सैकड़ों कर्मचारी, शिक्षक, संविदा कर्मी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर जमकर विरोध दर्ज कराया। भूख से तपते सूरज के नीचे भी कर्मचारियों का उत्साह ठंडा नहीं पड़ा। पुरानी पेंशन की बहाली, 7वें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने, आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मियों के स्थायीकरण, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा, फार्मासिस्टों, लैब टेक्नीशियन, आप्टोमेट्रिस्ट की वेतन वृद्धि एवं कैडर पुनर्गठन, शिक्षकों के विनियमन, सींचपाल व नलकूप चालकों की सेवा नियमावली की घोषणा, और चतुर्थ श्रेणी की सीधी भर्ती जैसे मांगों
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| मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी जल जीवन मिशन को सौंपते हुए |
को लेकर मोर्चे ने सरकार को सीधी चुनौती दी। मोर्चा के जिलाध्यक्ष डा सुरेश सिंह और आंदोलन समन्वयक कमल सिंह की अगुवाई में मंच से गरजते हुए कहा गया कि सरकार को अब हमारे सब्र को कमजोरी समझने की भूल नहीं करनी चाहिए, अगर हमारी जायज मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। आंदोलन के समापन पर अपर जिलाधिकारी जल जीवन मिशन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। धरना स्थल पर गयाप्रसाद बौद्ध, महेंद्र सिंह पटेल, लवलेश कुशवाहा, आनंद यादव, डा. फूल सिंह, मथुरा प्रसाद, राजेश यादव, प्रेमचंद, आलोक बौद्ध, रामबाबू कुशवाहा समेत अन्य मौजूद रहे।

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