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Tuesday, June 24, 2025

जिला जेल में 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ, बंदियों के जीवन में चेतना का संचार

आध्यात्मिक वातावरण से गुंजा सुधारगृह 

पांच सौ बंदियों ने ली दीक्षा 

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जिला कारागार चित्रकूट में रविवार को एक अद्भुत व आध्यात्मिक आयोजन देखने को मिला, जब 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बंदी सुधार अभियान के तहत किया गया, जिसमें जेल अधीक्षक शशांक पांडेय ने प्रमुख यजमान के रूप में देव पूजन कर यज्ञ का शुभारंभ किया। यज्ञ के संचालक ने यज्ञ का वैज्ञानिक पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानसिक चिकित्सा और जीवन को दिव्यता की ओर मोड़ने वाला एक दैवी प्रयोग है। शांतिकुंज प्रतिनिधि ने दीक्षा का स्वरूप समझाते हुए कहा कि गायत्री मंत्र स्वयं गुरु मंत्र है और पं. श्रीराम शर्मा को गुरु मानकर साधना करने से साधक को अद्भुत लाभ होता है। आयोजन में जेल अधीक्षक शशांक पांडेय ने कहा कि कुछ समय के लिए ऐसा प्रतीत हुआ

जिला कारागार के यज्ञ कार्यक्रम में मौजूद जेल अधीक्षक व डिप्टी जेलर 

मानो जेल परिसर स्वर्ग सरीखा बन गया हो। देव शक्तियों की उपस्थिति और बंदियों की आंखों में चमक यह प्रमाणित कर रही थी कि ऐसे आयोजन जीवन सुधार का सशक्त माध्यम बन सकते हैं। बंदी सुधार अभियान के संयोजक प्रेमलाल कुशवाहा ने बताया कि प्रदेश में अब तक ऐसे 130 कार्यक्रम सफलतापूर्वक हो चुके हैं, जिनसे जेलों में अपराध की घटनाएं घटी है। कार्यक्रम के अंत में 500 से अधिक बंदियों को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी गई और उन्हें निःशुल्क साहित्य भी दिया गया। इस विशेष कार्यक्रम में जेलर संतोष कुमार वर्मा, डिप्टी जेलर प्रमोद कुमार कन्नौजिया, डॉ विकास सिंह सहित समस्त जेल प्रशासन ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में रामशंकर द्विवेदी, बृजेश त्रिपाठी, निर्मला पांडेय (लखनऊ), रामनारायण लेवे (सीहोर), अनुराग मौर्य जैसे कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।


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