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Friday, June 20, 2025

ई-ऑफिस, कायाकल्प और निपुण भारत की ट्रिपल टर्बो ड्राइव में दौड़ा चित्रकूट का शिक्षा तंत्र

अधूरे पैरामीटर्स 25 जून तक करें पूरा 

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । नीति आयोग सभागार में उस वक्त प्रशासनिक ऊर्जा फूट पड़ी जब सीडीओ अमृतपाल कौर की अध्यक्षता में जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति, निपुण भारत टास्क फोर्स और मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत टास्क फोर्स की साझा बैठक हुई। बैठक के केंद्र में था- शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता व तकनीकी अनुशासन का तिहरा समागम। सीडीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब सभी पत्राचार केवल ई-ऑफिस प्रणाली से होंगे, कागजी खानापूरी की छुट्टी। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा को निर्देश दिए कि बाकी विभागों को भी इसी डिजिटल अनुशासन से जोड़ें। ऑपरेशन कायाकल्प में विद्यालयों में जो पैरामीटर्स अधूरे हैं, उन्हें 25 जून तक हर हाल में खंड विकास अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी मिलकर पूरा कराएं। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय और मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय के निर्माण कार्यों को मिशन मोड में तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बड़ी बात यह रही कि निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच को अनिवार्य कर दिया गया, जिससे

चित्रकूट के शिक्षा तंत्र की बैठक लेतीं सीडीओ 

गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। विद्यालयों के निरीक्षण में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिशासी अधिकारी मऊ को विशेष रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के शेष निर्माण कार्य को तत्काल पूरा करने का निर्देश मिला। मिड डे मील योजना पर भी नजर डाली गई और बताया गया कि वर्ष 2024-25 की पूरी धनराशि सभी विद्यालयों को भेजी जा चुकी है और रसोइया, शिक्षामित्र व अनुदेशकों को समय से मानदेय मिल रहा है। साथ ही, सभी बच्चों का डाटा पीएमएफ पोर्टल पर अपलोड करने, आधार में त्रुटि सुधारने और स्मार्ट टीवी से शिक्षण कार्य को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में डीसी एनआरएलएम ओमप्रकाश मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक रविशंकर, अधिशासी अभियंता विद्युत शिवकुमार, जिला पूर्ति अधिकारी आसाराम पाल, डीपीआरओ इंद्र नारायण सिंह, डीसीपीओ पीड़ी विश्वकर्मा, खंड विकास अधिकारी संजय पांडेय, पवन सिंह, ओमप्रकाश यादव समेत अन्य मौजूद रहे।


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