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Saturday, June 28, 2025

जब साध्वी दीपिका ने भरत को बताया संस्कृति का आधारस्तंभ, गूंजा चित्रकूट

चित्रकूट में श्रीराम कथा का चतुर्थ दिवस 

रामराज्य की कल्पना से भक्ति की अनुभूति 

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । धर्मनगरी चित्रकूट के श्रीधर आश्रम परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा का चौथा दिवस श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा। दिव्य ज्योति जागृति सेवा संस्थान से आयोजित इस पावन कथा में साध्वी दीपिका भारती ने अपने ओजस्वी वाणी से भरत चरित्र, चित्रकूट की दिव्यता और रामराज्य की संकल्पना को हृदयस्पर्शी रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भरत त्याग, तपस्या और निष्काम सेवा का प्रतीक हैं, और चित्रकूट केवल एक स्थल नहीं, अपितु आध्यात्मिक चेतना का केन्द्र है। मंदाकिनी की लहरों से लेकर कामदगिरि की परिक्रमा तक, यहां हर कण श्रीराम की उपस्थिति का अनुभव कराता है। कार्यक्रम में महात्मा गांधी ग्रामोदय

रामकथा में मौजूद मुख्य अतिथि व अन्य 

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ. भरत मिश्रा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने श्रीराम कथा को नैतिक पुनरुत्थान का माध्यम बताया। विशिष्ट अतिथियों में भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार याज्ञिक, तुलसीदास समिति के अध्यक्ष रामनरेश केसरवानी, पत्रकार एवं सरस भावना के संपादक चंद्र प्रकाश द्विवेदी, ग्रामोदय विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी जयप्रकाश शुक्ला, रवि चतुर्वेदी, अरुण श्रीवास्तव समेत अन्य मौजूद रहे। स्वामी विश्वनाथानंद के मार्गदर्शन में चल रही इस कथा में श्रद्धालुओं की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। कथा स्थल जय श्रीराम के उद्घोष और भजनों की स्वर लहरियों से त्रेतायुग की अनुभूति करा रहा है। आयोजकों ने रामभक्तों से कथा में सहभागी होकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है।


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