25 बच्चों का बहाना, 27000 सपनों की बलि
मदिरालय खोलो, विद्यालय बंद करो
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । उत्तर प्रदेश सरकार के उस आदेश के विरुद्ध विरोध की ज्वाला भड़क उठी है, जिसमें 25 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों के मर्जर की योजना बनाई गई है। इस पर सखत आपत्ति दर्ज कराते हुए समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष रोहित यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और दो टूक चेतावनी दी- बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया तो होगा जन आंदोलन। ज्ञापन में बताया गया कि पूरे प्रदेश में 27,000 और चित्रकूट जनपद में करीब 50 विद्यालय बंद करने की तैयारी है, जो कि एक तुगलकी फैसला है। जिलाध्यक्ष रोहित यादव ने कहा कि चित्रकूट न तो लखनऊ है, न ही नोएडा। यहाँ हर मजरों, हर टीलों, हर जंगल के पार भी कोई बच्चा सपनों के साथ जीना चाहता है। वहाँ स्कूल तक पहुंचने के रास्ते ही नहीं हैं, सरकार विकल्प के बिना बंद करने की तैयारी में है। छात्रसभा का आरोप है कि सरकार
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| ज्ञापन देने को तहसील में मौजूद समाजवादी छात्रसभा के सदस्य |
का ध्यान स्कूल खोलने में नहीं, शराब की दुकानें बढ़ाने में है। शिक्षा और रोजगार का एजेंडा सत्ता से गायब है। भाजपा सरकार आने के बाद बेरोजगारी चरम पर, और अब शिक्षा का गला घोंटने की कोशिश शुरू हो गई है। शिक्षक नहीं दोगे, संसाधन नहीं दोगे, और फिर स्कूल मर्ज कर दोगे? यही है योगी मॉडल? यही सवाल लेकर छात्रसभा ने सरकार की नीयत पर सीधा हमला बोला। चेतावनी दी कि यदि मर्जर वापस नहीं लिया गया, तो छात्रसभा सड़कों पर उतरेगी। यह सिर्फ स्कूल नहीं, गाँव के बच्चों के सपनों का मर्जर है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में मान सिंह पटेल, सुजीत कुशवाहा, भरत सिंह, अभिलाष यादव, मोहन प्रजापति, कुशल यादव, मुकेश कोटार्य, ज्ञानेंद्र, समेत अन्य मौजूद रहे।

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