बेटियों की शादी और बच्चों की पढ़ाई अधर में
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के जिला मंत्री एवं समाजसेवी हरिशंकर गुप्ता ने सहारा इंडिया और पीएसीएल जैसी कंपनियों में निवेश किए गए करोड़ों रुपये के भुगतान में हो रही देरी को लेकर प्रधानमंत्री, सहकारिता मंत्री, मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर गहरी चिंता जताई है। मांग की है कि जनधन वापसी की प्रक्रिया को गति दी जाए ताकि गरीब, मध्यम वर्ग और व्यापारी वर्ग के लोगों को उनकी वर्षों की मेहनत की कमाई वापस मिल सके। हरिशंकर गुप्ता ने बताया कि बडस एक्ट 2019 के तहत जिलाधिकारी कार्यालयों में निवेशकों से फॉर्म और बैंक विवरण लिए गए थे, लेकिन अब तक किसी को भी भुगतान
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| समाजसेवी हरिशंकर गुप्ता |
नहीं मिला। लोढ़ा कमेटी भी भुगतान प्रक्रिया में असफल रही, वहीं सहारा भुगतान पोर्टल के जरिए शुरू की गई प्रक्रिया भी अब अधर में लटकी हुई है। कुछ लोगों को 10 हजार से 50 हजार तक की धनराशि तो मिली, लेकिन पूरा भुगतान अभी भी लंबित है। कहा कि लाखों परिवारों ने बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई और आपात जरूरतों के लिए अपनी पूंजी जमा की थी। आज ये सभी मानसिक तनाव, असमंजस और वित्तीय संकट में जी रहे हैं। पोर्टल की कार्यप्रणाली को सुचारु रूप से दोबारा शुरू कर देनदारी सीमा को बढ़ाया जाए, जिससे अंतिम भुगतान हो सके। समाजसेवी ने सरकार से जनहित को प्राथमिकता देने और जल्द समाधान निकालने की अपील की है, ताकि जनता को एक बार फिर आशा की किरण दिख सके।

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