खनन माफिया बनाम किसान
खनिज माफिया की रफ्तार, किसानों की बर्बादी
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने चित्रकूट में अवैध खनन और ओवरलोडिंग की जमीनी हकीकत को नंगा कर दिया है। वीडियो में धरने पर बैठे पीड़ित किसान अधिकारियों से दो टूक कहते नजर आ रहे हैं-एक बार मौके पर आकर हमारी हालत देख लीजिए, हम किन-किन ग्रामीण परेशानियों से जूझ रहे हैं। यह कोई भावनात्मक अपील नहीं, बल्कि सिस्टम की अनदेखी पर करारा सवाल है। अवैध खनन और ओवरलोडिंग से त्रस्त किसान दूसरे दिन भी ग्राम चांदी धुमाई में शिवन बाबा के पास धरने पर डटे रहे। राजापुर और मऊ तहसील में बेलगाम खनन ने किसानों की फसलों को तबाही के कगार पर पहुंचा दिया है। ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही से खेत धूल की मोटी चादर में ढक गए हैं, जिससे पैदावार प्रभावित हो रही है, वहीं रास्ते में
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| ग्रामीणों के साथ धरने स्थल पर मौजूद खनिज विभाग के कर्मचारी |
स्थित खुले विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को भी प्रदूषण का दंश झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज विभाग की मिलीभगत से खनिज माफिया मानकों को ताक पर रखकर खेती-किसानी को रौंद रहा है। तीर धुमाई गंगू के खंड संख्या-4 में ठेकेदार पर तय सीमा से अधिक खनन का आरोप लगाया गया है। ग्रामीण इससे पहले 29 दिसंबर को कर्वी तहसील मुख्यालय पर धरना दे चुके हैं, जिसे अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म किया गया था। अब दूसरे दिन भी जारी धरने को लेकर राजापुर एसडीएम और खनिज इंस्पेक्टर किसानों को समझाने पहुंचे, लेकिन सवाल वही है- क्या इस बार कार्रवाई होगी या आश्वासन फिर हवा में उड़ जाएंगे?


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